महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का मानना है कि 2022 तक भारतीय फुटबॉल टीम वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर सकता है।
पिछले महीने क्रिकेट से संन्यास लेने वाले तेंदुलकर आज कोलकाता में थे और अपने पूर्व साथी सौरव गांगुली के साथ एक कार्यक्रम में 2014 के फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का अनावरण किया।
तेंदुलकर और गांगुली के साथ ब्राजील की फुटबाल वर्ल्ड कप चैंपियन टीम के कप्तान कार्लोस अल्बर्टो भी थे। उनकी अगुवाई में ब्राजील ने 1970 में वर्ल्ड कप जीता था।
सचिन का 'मास्टर सुझाव'
सचिन तेंदुलकर ने कहा, "2022 वाकई में वास्तविक लक्ष्य हो सकता है। हम 2017 में अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। इसलिए यह सकारात्मक सोच है। मैं समझता हूं कि इस पर विश्वास किया जा सकता है।"
उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए एक ही रात में सबकुछ नहीं किया जा सकता है। हमें प्रतिभा को संवारने की दिशा में काफी काम करने की जरूरत है।
कोहली शतक से चूके और कई रिकॉर्ड बनने से रह गए
दूसरी ओर, कभी खुद फुटबॉलर बनने का सपना देख चुके भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने उम्मीद जताई है कि अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी से देश में यह खेल काफी सुदृढ़ होगा।
उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि 2017 वर्ल्ड कप की मेजबानी से देश में फुटबॉल काफी आगे बढ़ेगा। इससे अधिक से अधिक युवा खिलाड़ी मैदान की ओर आकर्षित होंगे।"
गांगुली ने कहा, "मैं जानता हूं कि क्रिकेट युवाओं को काफी आकर्षित करता है जो कभी सचिन तेंदुलकर बनना चाहते थे और इन दिनों विराट कोहली बनने का सपना देखते हैं। फुटबॉल एक बेहतरीन खेल है। इस खेल में उत्साह और रोमांच चरम पर होता है।"
सोमवार को देख सकेंगे दर्शक
कोलकाता के एक होटल में 18 कैरेट सोने से बनी 6.175 किग्रा की 36.8 सेंटीमीटर ऊंचाई वाली ट्रॉफी को शीशे के जार में रखा गया था।
वर्ल्ड कप ट्रॉफी को अति विशिष्ट सम्मान के साथ लाया गया था। इस ट्रॉफी को केवल पूर्व विजेता, मौजूदा विजेता और राष्ट्राध्यक्ष ही अपने हाथों में उठा सकते हैं। लेकिन भारत में इस ट्रॉफी के अनावरण में यह सम्मान क्रिकेट के दो दिग्गजों तेंदुलकर और गांगुली को मिला।
सोमवार से ट्रॉफी को एक मैदान में फुटबाल प्रेमियों के दर्शनार्थ पुलिस की कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा। ट्रॉफी मंगलवार तक कोलकाता में रहेगी।