फ्रांस की एक अदालत ने यूरो कप के दौरान इंग्लैंड-रूस मैच के बाद हिंसक झड़पों को लेकर रूस के तीन समर्थकों को उनकी भूमिका को लेकर जेल की सजा सुनाई। इनमें से एक को दो साल तक कारावास की सजा सुनाई गई है।
एलेक्सी येरूनोव, निकोलई मोरोजोव और सर्जेई गोर्बाचेव उन 43 रूसी समर्थकों में शामिल थे जिन्हें फ्रेंच पुलिस ने हिंसा के बाद हिरासत में लिया था। हिंसक झड़पों में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
29 साल के येरूनोव को सर्वाधिक दो साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। उसने यह बात स्वीकार की है कि वह उस समय वहां मौजूद था जहां इंग्लैंड के एक समर्थक के सिर पर लोहे की छड़ मारी गई थी जो गंभीर रूप से घायल हो गया था लेकिन उसने इस बात से इनकार किया कि उसने लोहे की छड़ मारी थी।
येरूनोव के अलावा गोर्बाचेव को 18 महीने और मोरोजोव को 12 महीने जेल की सजा सुनाई गई। येरूनोव ने कोर्ट में कहा, "मैं माफी मांगता हूं। मैं मानता हूं कि मैं वहां पर मौजूद था लेकिन मैंने किसी को नहीं मारा। मैंने कुछ नहीं किया है।" गोर्बाचेव जिसने रूसी सेकंड डीविजन क्लब आर्सेनल टुला का प्रशंसक माना जाता है को 18 महीने की जेल हुई है।