फॉरवर्ड आर्टेम डी ज्यूबा ने पेनल्टी को गोल में तब्दील करते हुए टूर्नामेंट का तीसरा गोल दागा और रूस का स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। डी ज्यूबा रूस के आखिरी सात विश्व गोल में से चार में पूरी तरह शामिल रहे। उन्होंने इस दौरान तीन गोल किए जबकि एक में सहायता की। उन्होंने मॉस्को लुजिन्हकी स्टेडियम में मौजूद 78,000 दर्शकों में जोश भर दिया।
इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी गोल करने के लिए मौके खोजते रहे। स्पेन ने टिकी टिका पास से अपने नाम एक खास रिकॉर्ड दर्ज किया। स्पेन ने मैच में एक हजार से अधिक पास किए जो एक रिकॉर्ड है। हालांकि, वह रूसी खेमे में घुसने में नाकाम रहा और मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम के बाद पेनल्टी शूटआउट में चला गया।
पेनल्टी शूटआउट में स्पेन की तरफ से पहला गोल आंद्रेस इनेएस्ता ने किया, जबकि रूस की तरफ से फेडर स्मोलोव ने शानदार गोलकर स्कोर को बराबर किया। इसके बाद स्पेन की तरफ से गेरार्ड पिके ने गोल दागकर स्कोर को 2-1 से आगे बढ़ाया, जबकि रूस की तरफ से इग्नाशेविच ने गोल दागकर स्कोर को 2-2 से बराबर किया।
स्पेन की तरफ से कोके ने शानदार किक जमाई, लेकिन अकिनफीव ने इसे रोककर स्पेन के दिल पर पहला हमला किया। वहीं गोलोविन ने गोल दागकर रूस को 3-2 से बढ़त दिला दी। इसके बाद स्पेन की तरफ से रामोस ने गोलकर स्कोर को 3-3 से बराबर कर लिया। वहीं, अगला गोल रूस की रफ से डेनिस चेरीशेव नें गोलकर 4-3 से बढ़त दिलाई। स्पेन के लिए आखिरी शॉट लेने आए लागो अस्पास ने किक जमाई, लेकिन इगोर अकिनफीव ने इसे रोककर अपना नाम इतिहास के पन्नों पर अमर कर दिया।