फ्रांस में हुई हिंसा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस वीडियो में फ्रांस की हार से नाराज फैंस की भीड़ को हिंसा करते दिखा जा सकता है। पुलिस ने सभी इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन नाराज फैंस ने पुलिसकर्मियों पर ही पत्थर फेंके और पुलिसवालों के ऊपर जलते हुए पटाखे भी फेंके।
एक ट्वटर यूजर ने कहा कि फ्रांस में एक महिला दंगाइयों को भगाने की कोशिश कर रही थी और उस पर भी हमला कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। फ्रांस की राजधानी में चैंप्स-एलिसीज पर फैंस और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए पानी की बौछार का भी इस्तेमाल किया।
विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना और फ्रांस के मुकाबले को ध्यान में रखते हुए भर में लगभग 14,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था। नाराज फैंस ने पुलिस पर झंडे, बोतलें और आतिशबाजी की। इसके बाद दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मैच में क्या हुआ?
फाइनल मैच में अर्जेंटीना ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले हाफ में 2-0 की बढञत बना ली। हालांकि, दूसरे हाफ में फ्रांस ने दमदार वापसी की और दो मिनट के अंदर दो गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद एक्सट्रा टाइम में मेसी ने गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 की बढ़त दिलाई, लेकिन एम्बाप्पे ने पेनल्टी में तीसरा गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की और स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मैच का नतीजा निकला, जहां अर्जेंटीना ने 4-2 के अंतर से जीत हासिल की। यह अर्जेंटीना का तीसरा खिताब है। इससे पहले यह टीम 1978 और 1986 में चैंपियन बनी थी।
फीफा विश्व कप के दौरान यूरोप में लगातार दंगे होते रहे हैं। इससे पहले 15 दिसंबर को, जब फ्रांस ने सेमीफाइनल में 2-0 की प्रभावी जीत के साथ विश्व कप में मोरक्को का सफर समाप्त कर दिया था, तो फ्रांस और बेल्जियम के कई शहरों में दंगे भड़क उठे थे। मोरक्को पर जीत के बाद फ्रांस में हिंसक झड़पों में एक 14 वर्षीय लड़के की मौत हो गई थी। मोरक्को की हार के बाद बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में पुलिस ने लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार किया था।