मैनचेस्टर यूनाइटेड और लिवरपूल सहित कई बड़े अंग्रेजी क्लब जल्द ही बिक सकते हैं। इन क्लबों के मालिक साफ कर चुके हैं कि वह क्लब को बेचने के लिए तैयार हैं और उन्हें सही मालिक की तलाश है। मैनचेस्टर यूनाइटेड और लिवरपूल के बाद अब इस सूची में आर्सनल का नाम भी जुड़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत के बिजनेसमैन मुकेश अंबानी आर्सनल क्लब को खरीद सकते हैं।
ग्लेजर फैमिली ने लगभग तीन सप्ताह पहले मैनचेस्टर यूनाइटेड में अपनी हिस्सेदारी बेचने की बात कही थी। ऐसा होने पर यह क्लब 17 साल बाद ग्लेजर फैमिली के अलावा किसी दूसरे के हाथ में जाएगा। बीच में यह भी खबर आई थी कि अंबानी इस क्लब को खरीद सकते हैं, लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अंबानी आर्सनल का क्लब खरीद सकते हैं।
दुनिया के 10वें सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी आर्सनल के बड़े फैन हैं। ऐसे में अगर अंबानी परिवार फुटबॉल लीग में कोई क्लब खरीदता है तो यह आर्सनल ही होगा। हालांकि, इस बार में अंबानी परिवार या आर्सनल की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है। आर्सनल के अधिकतर शेयर वर्तमान में क्रॉन्के स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट के पास हैं।
फेनवे स्पोर्ट्स ग्रुप (एफएसजी) ने क्लब को बेचने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद कहा गया कि अंबानी को लिवरपूल को खरीद सकते हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत में क्रिकेट के अलावा भी निवेश करने की रुचि बढ़ रही है। लगभग 90.7 बिलियन डॉलर के मालिक मुकेश अंबानी भी फुटबॉल में निवेश करने में रुचि रखते हैं।
एसकेईएमए बिजनेस स्कूल में खेल और भू-राजनीतिक अर्थव्यवस्था के प्रोफेसर साइमन चाडविक ने इस मामले पर कहा, "खेल में गैर-क्रिकेट निवेश के अवसरों के लिए भारत में भूख बढ़ रही है। यह भारत की डिजिटल और मनोरंजन अर्थव्यवस्था से जुड़ता है। सिटी फुटबॉल ग्रुप ने मुंबई में निवेश किया है। मुंबई भारत की डिजिटल, मनोरंजन और वित्तीय राजधानी है। यदि आप अबू धाबी के वेल्थ फंड में निवेश कर रहे लोगों को देखें, तो उन्होंने मुंबई में डिजिटल स्टार्ट-अप में निवेश किया है।
उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि भारत अगला महान सीमांत हो सकता है। हमारे पास पहले से ही चीन है, और अब हमारे पास सऊदी अरब है।"