मैच रेफरी का काम मुकाबले को सुचारू रूप से बनाए रखने का होता है। रेफरी पर मैदान में उतरी दोनों टीमों के खिलाड़ियों को खेल के अनुशासन में बनाए रखना भी होता है।
आपने क्रिकेट के मैदान पर कई खिलाड़ियों को मर्यादा तोड़ते देखा होगा। हालांकि क्रिकेट में खिलाड़ियों को दंड मैच के बाद मिलता है क्योंकि रेफरी मैदान के बाहर होता है। लेकिन फुटबॉल और हॉकी जैसे कई खेलों में रेफरी मैच के बीच में ही सजा सुना देता है।
अब आप सोचिए कि अगर रेफरी ही अनुशासन तोड़ बैठे तो क्या होगा। ऐसा ही एक दिलचस्प घटना हुई फुटबॉल के दीवाने देश ब्राजील में। ब्राजील में ब्रूमादिन्हो और अमांता डी बोला के बीच एमेच्योर मुकाबला खेला जा रहा था। मैच के दौरान अमांता डी बोला के एक खिलाड़ी ने रेफरी ग्रैबिएल मुर्ता को पहले हल्के से मारा फिर पंच भी कर दिया।