पहली बार फाइनल में जगह बनाने वाले मिजोरम को राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए खेली जा रही संतोष ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में रेलवे की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा।
रेलवे 48 साल के अपने खिताबी सूखे को खत्म करना चाहेगा और उसके सामने पहली बार फाइनल में पहुंची मिजोरम की टीम उसके सामने होंगी। रेलवे ने आखिरी बार 1966 में संतोष ट्रॉफी खिताब पर कब्जा जमाया था।
सिलीगुड़ी में खेले जा रहे टूर्नामेंट में मिजोरम ने कल भाग्य और अपने जुझारूपन के दम पर अतिरिक्त समय तक खिंचे मुकाबले में तमिलनाडु को 3-1 से हराया।
68वीं संताष ट्रॉफी के लिए मिजोरम और तमिलनाडु के बीच खेले गए सेमीफाइनल में दोनों टीमें निर्धारित 90 मिनट तक 1-1 की बराबरी पर थीं।
इसके बाद अतिरिक्त समय में मिजोरम ने दो गोल दागे। मिजोरम के लिए डेविड लालरिनमुआना, जिको जोरेमसांगा और एफ लालरिनपुइया ने गोल दागे जबकि तमिलनाडु के लिए ए रीगन ने गोल ठोके।
जबकि दूसरे सेमीफाइनल में रेलवे ने पेनल्टी शूटआउट में महाराष्ट्र को 4-2 से पराजित कर फाइनल का टिकट कटाया।
मिजोरम की यह क्वालीफाइंग राउंड सहित आठवीं जीत है और कोच एच वी वेनलाथलांगा ने कहा कि उनकी टीम अपना विजय अभियान जारी रखने के लिये प्रतिबद्ध है।