एआईएफएफ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने बुधवार को कहा- भारत फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट में शिरकत करने वाली टीम के खिलाड़ियों को आगे भी एक ईकाई के रूप रखेगी। अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) ने उन्हें भविष्य के सितारों के रूप में संवारने और मार्गदर्शन करने के लिए योजना तैयार की है।
उन्होंने कहा, ‘छह अक्टूबर से यहां शुरू हो रहे फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल को बस आगाज मानें। इसके खत्म होने के बाद इनमें से कुछ खिलाड़ी भारत की अंडर-20 टीम में चले जाएंगे। खासा अच्छा प्रदर्शन कर रही भारत की अंडर-16 टीम के कुछ खिलाड़ी अंडर-17 टीम में आ जाएंगे और यह प्रक्रिया सतत जारी रहेगी। हम चाहते हैं कि इसके बाद खिलाड़ी का आगे एक अच्छा भविष्य हो। हमारे खिलाड़ियों को यदि विदेश में लीग खेलने का प्रस्ताव आता है तो हमें उससे कोई ऐतराज नहीं है लेकिन हम यह भी चाहेंगे कि वह देश के भी बराबर खेले। हम अपने खिलाड़ियों का अच्छा भविष्य सुनिश्चित करना चाहते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हम भारत की अंडर-17 विश्व कप के टीम के लिए तैयार एआईएफएफ के विदेशी प्रतिभा खोज कार्यक्रम को अन्य आयु वर्गों में आगे जारी रखना चाहेंगे। यह कार्यक्रम अंडर-17 विश्व कप को जेहन में रखकर तैयार किया गया था। इसमें विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकता और पासपोर्ट के मुताबिक सभी नियमों पर खरे उतरने वाले खिलाड़ियों को भारतीय टीम में शामिल करने की पहल की गई थी। इस कार्यक्रम में विदेश में बसा कोई भी प्रतिभाशाली भारतीय खिलाड़ी सरकार के नियमों और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करता है तो हमें उसे टीम में शामिल करने में खुशी होगी क्योंकि वह भी आखिरकार भारतीय हैं।
पटेल ने आगे कहा- हम भारत की अंडर-17 टीम के साथ इस कार्यक्रम को अन्य आयु वर्गों में जारी रखना चाहेंगे लेकिन इसके लिए कानून का सम्मान करना होगा। इस बात एक बात और साफ कर दूं कि लोगों का यह मानना कि भारतीय मूल का कोई भी व्यक्ति भारत के लिए खेल सकता है यह मामला नहीं है। इसका पात्र होने के लिए आपका भारतीय पासपोर्टधारी होना चाहिए। न तो आप दोहरी नागरिकता वाले हों और न ही दोहरे पासपोर्टधारक ।
कौन भारत की नुमाइंदगी कर सकता है इस बाबत भारत नागरिकता को लेकर कानून खासा स्पष्ट है।’ भारत की मौजूदा अंडर-17 विश्व कप में गोलरक्षक सनी ढालीवाल और मिडफील्डर नामित देशपांडे विदेशी प्रतिभा खोज कार्यक्रम की खोज हैं।
‘भारत में बनेगा फुटबॉल के लिए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ’
फीफा अंडर-17 विश्व कप
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पटेल ने कहा, ‘हमारी भारत में फुटबॉल के लिए नैशनल ट्रेनिंग सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने की योजना है। इस सेंटर के बनने में 100 करोड़ रुपये लगेगा। इस फुटबॉल की ट्रेनिंग के लिए सभी तरह की आधुनिकतम सुविधाएं होंगी। यह सेंटर कहां बनेगा इसकी योजना अगले एक-दो महीने के भीतर कर दी जाएगी। इसमें भारत की सीनियर पुरुष और महिला टीमों के साथ जूनियर पुरुष और महिला जूनियर टीमों के लिए ट्रेनिंग की हर तरह की आधुनिकतम सुविधाएं होंगी। इसमें भारत की सभी स्तर की टीमों के लिए फिजिकल ट्रेनिंग का सभी सामान,तरणताल और कक्षाओं की व्यवस्था होगी। यह सेंटर किस शहर में बनाया जाएगा इसकी बाबत आने वाले दो महीने मे घोषणा कर दी जाएगी। मैं इसके लिए प्रायोजकों से भी बात करूंगा और इसके लिए फीफा से भी मदद मिलेगी।
भारत ने ठोका फीफा अंडर 20 विश्व कप की मेजबानी का दावा
फीफा अंडर 17
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उन्होंने कहा, ‘हमने 2019 में होने वाले फीफा अंडर-20 विश्व कप की मेजबानी की दावा ठोका है, हालांकि अभी फीफा से इस बाबत कोई आश्वासन नहीं मिला है। हमें इस बाबत अभी फीफा की हरी झंडी मिलने का इंतजार है। हालांकि इसके लिए फीफा के स्तर पर इस बाबत अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। फीफा अंडर-17 विश्व कप के समाप्त होने के बाद भारत में पहली बार फीफा की कार्यकारिणी की बैठक 26 से 28 अक्टूबर तक कोलकाता में होगी। हमें उम्मीद है कि हम फीफा को यह समझाने में सफल रहेंगे कि हम फीफा अंडर-20 विश्व कप के भी कामयाब आयोजन की क्षमता रखते हैं। दरअसल अब फीफा अंडर-17 विश्व की मेजबानी से हमारे यहां जिन छह शहरों में इसके मैच होंगे वहां तो इसके लिए जरूरी ढांचा तैयार है। हमारे यहां इसके अलावा अन्य जगहों पर फुटबॉल के लिए पूरा ढांचा उपलब्ध है।’