पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर राष्ट्रीय टीम के साथ हालिया यूईएफए नेशंस लीग मुकाबलों के दौरान बीच में टीम छोड़ने के मामले में कार्रवाई की है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर प्रशंसक संघ का मजाक उड़ा रहे हैं। इसकी वजह है रोनाल्डो पर लगाया गया महज 255 यूरो (करीब 27 हजार रुपये) का जुर्माना और 30 दिन का निलंबन, जिसकी अवधि पहले ही शुरू हो चुकी है। ऐसे में रोनाल्डो को पुर्तगाल का अगला मुकाबला भी नहीं गंवाना पड़ेगा।
रोनाल्डो
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एक मिनट से भी कम की कमाई के बराबर जुर्माना
रोनाल्डो दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल हैं। ऐसे में 255 यूरो का जुर्माना उनके लिए बेहद मामूली माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने इसी बात को लेकर पुर्तगाल फुटबॉल संघ के फैसले पर सवाल उठाए। कई लोगों ने इस कार्रवाई को प्रभावहीन बताते हुए इसे मजाक करार दिया।
पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने सोमवार को सजा को 'पर्याप्त और उचित' बताया। संघ के मुताबिक, रोनाल्डो ने शुक्रवार को औपचारिक बयान देकर आरोपों से जुड़े तथ्यों को पूरी तरह स्वीकार किया था। उनके कबूलनामे और पहले के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड को देखते हुए सजा कम की गई। संघ ने यह भी कहा कि परिस्थितियों में राहत देने के बाद लगाया गया जुर्माना उसकी ओर से निर्धारित अधिकतम सीमा के बराबर था।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो
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30 दिन का प्रतिबंध, लेकिन अगला मैच नहीं छूटेगा
रोनाल्डो पर 30 दिन का निलंबन भी लगाया गया है, लेकिन इसकी अवधि एक अक्तूबर से लागू मानी गई है। उसी दिन पुर्तगाल ने डेनमार्क के खिलाफ मुकाबला खेला था। इस तरह रोनाल्डो पहले ही निलंबन के 19 दिन पूरे कर चुके हैं। उन्हें 14 नवंबर को डेनमार्क के खिलाफ होने वाले पुर्तगाल के अगले नेशंस लीग मुकाबले के लिए उपलब्ध रहने की उम्मीद है। रोनाल्डो के पास निलंबन के खिलाफ अपील करने का विकल्प है। हालांकि, वह पहले ही माफी मांग चुके हैं और उन्होंने कहा था कि उन्हें सजा मिलने की उम्मीद थी। निलंबन की खबर सामने आने के बाद उन्होंने तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
रोनाल्डो
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कोच से विवाद के बाद टीम छोड़कर गए थे रोनाल्डो
हालिया नेशंस लीग मुकाबलों में रोनाल्डो ने वेल्स के खिलाफ शुरुआती जीत में हिस्सा लिया था। इसके बाद 27 सितंबर को नॉर्वे के खिलाफ जीत के दौरान वह स्थानापन्न खिलाड़ियों में शामिल थे, लेकिन उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। रोनाल्डो ने आरोप लगाया था कि कोच जॉर्ज जीसस ने उन्हें खिलाने के समझौते को तोड़ा। इसके बाद वह टीम छोड़कर चले गए। उनके बिना भी पुर्तगाल ने डेनमार्क और फिर नॉर्वे को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इस पूरे मामले में जुर्माने की मामूली रकम और निलंबन की पहले से शुरू हुई अवधि ने पुर्तगाल फुटबॉल संघ की कार्रवाई को चर्चा का विषय बना दिया है।