एमबाप्पे को पराग्वे की सीनेटर ने दी गाली
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फीफा विश्व कप 2026 के दौरान मैदान के बाहर भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। फ्रांस की पराग्वे पर 1-0 की जीत के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मंच तक पहुंच गया है। पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला ने एक बार फिर फ्रांस के स्टार फुटबॉलर किलियन एमबाप्पे पर निशाना साधा और संसद में उनके लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उनकी टिप्पणी इतनी अभद्र थी कि उसका यहां उल्लेख नहीं किया जा सकता।
गिल ने एमबाप्पे की पीठ पर मारी गेंद
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हाथ न मिलाने से शुरू हुआ विवाद
- रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद फ्रांस और पराग्वे के बीच विश्व कप मुकाबले के बाद शुरू हुआ। पराग्वे के खिलाड़ियों ने इस मैच में काफी रफ खेल दिखाया था और फ्रांस के खिलाड़ियों पर गलत तरीके से टैकल करने की कोशिश की थी।
- वो टैकल इतने घातक थे कि फ्रांस के खिलाड़ियों के पैर भी टूट सकते थे या कोई गंभीर चोट लग सकती थी। सबसे चौंकाने वाली बात तो तब हुई कि रेफरी ने पराग्वे के खिलाड़ियों को मैच के दौरान कोई कार्ड तक नहीं दिखाया।
- मैच समाप्त होने के बाद एमबाप्पे ने पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर सीनेटर अमारिला लगातार एमबाप्पे की आलोचना कर रही हैं। उन्होंने मैच के बाद एमबाप्पे पर नस्लीय टिप्पणी भी की थी।
- इसके बाद एम्बाप्पे ने भी अमारिला को 'पद के योग्य नहीं बताया था' और साथ ही घृणित महिला कहा था। इसके बाद दोनों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई। अब अमारिला ने नया बयान देकर और गाली देकर इस विवाद को और आगे बढ़ाया है।
पराग्वे की सीनेटर और एमबाप्पे
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संसद में भी की आपत्तिजनक टिप्पणी
पराग्वे की संसद में बोलते हुए अमारिला ने एम्बाप्पे पर फिर निशाना साधा। उन्होंने फ्रांसीसी स्टार के लिए ऐसी घटिया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जिसका यहां उल्लेख नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, 'जब ऑरलैंडो गिल, जो शायद पहली बार विश्व कप खेल रहे थे, पहली बार यूरोप आए थे और पूरी विनम्रता के साथ हाथ बढ़ाते हैं, तब एमबाप्पे उनका हाथ मिलाने से इनकार कर देते हैं और उनके चेहरे पर चिल्लाते हैं। यह फ्रांसीसी संस्कृति नहीं है। कोई सच्चा फ्रांसीसी ऐसा कभी नहीं करता।'
एमबाप्पे
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नस्लीय टिप्पणियों का भी लगाया आरोप
अमारिला, जो ऑथेंटिक रेडिकल लिबरल पार्टी से जुड़ी हैं, ने दावा किया कि पराग्वे की हार के बाद गंभीर नस्लीय टिप्पणियां भी की गईं। उन्होंने फ्रांस की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि वे पूरे फ्रांस की पहचान को किसी एक खिलाड़ी के व्यवहार से नहीं जोड़ना चाहतीं। उन्होंने फ्रांस के महान विचारकों और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की विरासत इससे कहीं बड़ी है।
एमबाप्पे
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पहले भी दे चुकी हैं कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
इससे पहले अमारिला ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एम्बाप्पे के नाम खुला पत्र लिखकर सार्वजनिक माफी की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था, 'एमबाप्पे, पराग्वे के लोगों को कम मत आंकिए। यहां पहले भी बड़े फुटबॉल सितारों पर कार्रवाई हो चुकी है। अगर आपने माफी नहीं मांगी तो मैं आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकती हूं।'
एमबाप्पे
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कोच डेशॉ बोले- एम्बाप्पे का पूरा ध्यान मैच पर
फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉ से मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विवाद पर सवाल पूछा गया। उन्होंने साफ किया कि एम्बाप्पे इस विवाद से प्रभावित नहीं हैं। डेशॉ ने कहा, 'किलियन मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हैं। उनका पूरा ध्यान क्वार्टर फाइनल मैच पर है।' अब देखना होगा कि यह विवाद यहीं थमता है या विश्व कप के दौरान मैदान के बाहर भी यह जुबानी जंग आगे बढ़ती है।