फिलीस्तीन के खिलाफ यहां के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में बुधवार को खेले गए दोस्ताना अंतरराष्ट्रीय फुटबाल मैच में भारतीय टीम कड़े संघर्ष के बावजूद 2-4 से हार गई। नेहरू कप का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था लेकिन टीम अपने उस प्रदर्शन को यहां नहीं दोहरा पाई।
मैच में हालांकि भारत की शुरुआत शानदार रही और 17वें मिनट में उसने बढ़त बना ली। एल्विन जार्ज के एक अच्छे मूव को क्लिफोर्ड मिरांडा ने रिबाउंड पर गोल पोस्ट में डालकर भारत को पहली सफलता दिलाई। हालांकि 30 वें मिनट में अशरफनूर्मन ने भी गोल कर फिलीस्तीन को बराबरी दिला दी। फिलीस्तीन के बराबरी हासिल करने के बाद भारत ने फिर जोर लगाया और इस बार सैयद रहीम नबी तथा मेहताब हुसैन के सही तालमेल ने भारत को एक बार फिर बढ़त दिला दी।
39वें मिनट में कार्नर शाट पर नबी ने हेडर से यह गोल किया और हाफ टाइम तक टीम को 2-1 से आगे रखा। लगभग नौ साल बाद इस मैदान पर खेलने उतरी भारतीय टीम दूसरे हाफ में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी नहीं रख सकी और एक मिनट बाद ही हुसैम अबुसलाह ने गोल कर फिलीस्तीन को बराबरी दिला दी।
पांच मिनट बाद ही अशरफ ने पेनाल्टी का फायदा उठाते हुए फिलीस्तीन को बढ़त दिला दी। मेहमान टीम ने 67वें मिनट में अपनी एक और गोल ठोक भारत को हौसले को पस्त कर दिया। भले ही भारतीय टीम हार गई लेकिन वह समर्थकों का दिल जीतने में जरूर कामयाबी रही।