फ्रांस दूसरी टीम है, जो लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। इससे पहले ब्राजील 2002 में फाइनल में पहुंची थी और लगातार दो विश्व कप फाइनल खेलने वाली पहली टीम बनी थी। इस मैच में फ्रांस के लिए थियो हर्नांडेज ने पांचवें मिनट में गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद रान्डल कोलो मुआनी ने 79वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया।
मैच के बाद, मोरक्को के कोच रेगरागुई ने कहा कि उनकी टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में मिली हार इस विश्व कप में उनकी टीम के शानदार प्रदर्शन को कम नहीं कर सकती। रेगरागुई ने कहा "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने यह दिखाया कि मोरक्को में फुटबॉल मौजूद है और हमारे पास महान समर्थक हैं। हमने इस विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। यह हार हमसे सब कुछ नहीं छीन सकती, जो हमने पहले हासिल किया।"
पहले भी हिंसा कर चुके हैं मोरक्को के समर्थक
मोरक्को के समर्थक इससे पहले भी बेल्जियम में हिंसा कर चुके हैं। फीफा विश्व कप के ग्रुप मैच में मोरक्को ने बेल्जियम को हराया था। इसके बाद ब्रसेल्स में दोनों टीमों के प्रसंशक भिड़ गए थे और काफी हिंसा हुई थी। अब यही हाल फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुआ है। यहां फ्रांस की जीत के बाद फैंस जश्न मना रहे थे, जिनकी भिड़ंत मोरक्को के फैंस के साथ हो गई। इसके बाद से पूरे फ्रांस में पुलिस बल तैनात है।