देश के उभरते हुए और मोहन बागान के गोलकीपर नवीन कुमार को सरपंच की हत्या के लिए उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। होशियारपुर की निचली अदालत की ओर से यह फैसला सुनाए जाने के बाद नवीन अचानक बागान की टीम से गायब हो गए। क्लब को बाद में पता लगा नवीन को उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है और वह इस वक्त जेल में है।
सिर्फ मोहन बागान ही नहीं ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) और पंजाब फुटबॉल एसोसिएशन इस घटना को अपने लिया बड़ा झटका मान रही है। खास बात यह है कि 24 वर्षीय नवीन पर हत्या का मुकदमा लगभग तीन साल से चल रहा है। लेकिन उसने न किसी फेडरेशन और न ही किसी क्लब को इस बारे में बताया।
वह हाईकोर्ट से जमानत लेकर इन सभी के लिए फुटबॉल खेलता रहा। आई लीग मैच के दौरान मोहन बागान से नवीन छुट्टी लेकर होशियारपुर तो आ गया लेकिन वापस नहीं लौटा। परेशान स्टाफ ने उसकी खोच खबर ली तो पता लगा उसे माहिलपुर में पड़ते गांव काले भक्तां के सरपंच की हत्या के मामले में पांच लोगों के साथ उम्र कैद की सजा सुना दी गई है।
मोहन बागान ने उसे इसी साल अनुबंधित किया है। वह एआईएफएफ की डेवलपमेंटल टीम पाइलान एरोज के लिए खेल रहा था। इससे पहले वह जेसीटी टीम का गोलकीपर रह चुका है। साथ ही चर्चिल ब्रदर्स के लिए भी खेल चुका है। पूरे सर्किट में उसकी धाकड़ गोलकीपर के रूप में पहचान है।
पीएफए के सचिव व नामी फुटबॉलर परमिंदर सिंह इस घटना से खासे दुखी हैं। उनका कहना है कि देश की फुटबॉल के लिए यह बड़ा झटका है। उसमें राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का पूरा माद्दा है। वह सजा के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करने जा रहा है।
पंजाबी फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए इस तरह की सुर्खियों में आने का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में ईस्ट बंगाल से जुड़े होशियारपुर के ही तीन नामी फुटबॉल खिलाड़ी बलात्कार के आरोप में पकड़े गए हैं। जबकि जेसीटी के ही एक खिलाड़ी मनजिंदर सिंह पर हत्या का मुकदमा चल चुका है।