अर्जेंटीना के स्टार लियोनल मेसी की फैन केरल की एक महिला अपनी ‘कस्टमाइज्ड एसयूवी’ से अपनी पसंदीदा टीम का विश्वकप मैच देखने अकेले कतर पहुंच गई। खलीज टाइम्स की खबर के अनुसार पांच बच्चों की मां नाजी नौशी ने केरल से 15 अक्तूबर को खाड़ी देशों की यात्रा शुरू की और संयुक्त अरब अमीरात पहुंची।
33 साल की नौशी अपने ‘हीरो’ मेसी और अर्जेंटीना को विश्व कप में खेलते हुए देखना चाहती थीं। हालांकि सऊदी अरब से अर्जेंटीना को मिली हार से उनका दिल टूटा, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि अर्जेंटीना अगले मैच में जीत हासिल कर वापसी करेगी और ऐसा ही हुआ। अखबार ने उनके हवाले से कहा, ‘मैं अपने ‘हीरो’ लियोनल मेसी को खेलते हुए देखना चाहती हूं। सऊदी अरब से मिली हार मेरे लिए निराशाजनक थी, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि यह ट्रॉफी जीतने की राह में छोटी सी बाधा होगी।’
नौशी के उम्मीद के अनुसार दूसरे मैच में ऐसा ही हुआ। मेसी ने शानदार खेल दिखाते हुए एक गोल किया और दूसरे गोल में मदद की। इस दौरान उन्होंने दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। अर्जेंटीना ने यह मैच 2-0 से जीतकर शानदार वापसी की और नौशी का सपना पूरा हो गया।
कार को मुंबई से ओमान पहुंचाया, मस्कट से शुरू की यात्रा
नौशी ने पहले अपनी ‘एसयूवी’ को मुंबई से ओमान पहुंचाया और संयोग से यह दाएं हाथ की ओर ‘स्टीयरिंग’ वाली गाड़ी देश में भेजी जाने वाली पहली भारतीय पंजीकृत कार है। उन्होंने मस्कट से अपनी यात्रा शुरू की और हाटा बॉर्डर से अपनी एसयूवी में यूएई पहुंची। इस दौरान वह दुबई में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा देखने भी रूकीं।
कार में ही बनी है रसोई
इस एसयूवी में अंदर ही ‘रसोई’ है और इसकी छत पर एक टेंट जुड़ा हुआ है। नौशी ने कार का नाम ‘ऊलू’ रखा हुआ है, जिसका मलयालम भाषा में अर्थ ‘शी’ (महिला) होता है। नौशी ने कार में चावल, पानी, आटा, मसाले और अन्य सूखी चीजें रखी हुई हैं। उन्होंने अखबार से कहा, ‘मैं खुद ही खाना बनाने की कोशिश करती हूं। इससे निश्चित रूप से पैसा बचता है और ‘फूड प्वाजनिंग’ का भी जोखिम कम रहता है।’