फीफा विश्व कप 2026 के छठे दिन फुटबॉल जगत के दो सबसे बड़े सितारे किलियन एमबाप्पे और एरलिंग हालंद छाए रहे। एमबाप्पे ने सेनेगल के खिलाफ दो गोल दागकर फ्रांस को 3-1 से जीत दिलाई, जबकि हालंद ने विश्व कप पदार्पण मैच में दो गोल और एक असिस्ट के साथ नॉर्वे को इराक पर 4-1 की शानदार जीत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन मैच के बाद उनका ध्यान रिकॉर्ड्स से ज्यादा अपनी-अपनी टीमों की सफलता पर केंद्रित नजर आया।
एमबाप्पे बने फ्रांस के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी
सेनेगल के खिलाफ मुकाबले में दो गोल करते ही किलियन एमबाप्पे फ्रांस के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उनके नाम अब 58 गोल हो गए हैं और उन्होंने ओलिवियर गिरौद (57) को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही एमबाप्पे विश्व कप में फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गए। उनके नाम अब विश्व कप में 14 गोल हैं और उन्होंने जस्ट फॉनटेन (13) का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
हालांकि, मैच के बाद एमबाप्पे ने साफ कर दिया कि उनका लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि फ्रांस को विश्व कप जिताना है। उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि मेरा नाम फ्रांस के फुटबॉल इतिहास में याद रखा जाए। मेरी कोशिश है कि टीम फाइनल तक पहुंचे और वर्ल्ड कप जीते। रिकॉर्ड और उपलब्धियां मेरे करियर का हिस्सा हैं, लेकिन टीम की सफलता सबसे महत्वपूर्ण है।'
दूसरे हाफ में बदला फ्रांस का खेल
पहले हाफ में सेनेगल ने फ्रांस को कड़ी टक्कर दी और कई अच्छे मौके भी बनाए। लेकिन दूसरे हाफ में फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया। माइकल ओलिस के पास पर एमबाप्पे ने पहला गोल दागा और फिर स्टॉपेज टाइम में लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया। ब्रैडली बारकोला ने भी एक गोल किया, जबकि सेनेगल के लिए इब्राहिम मबाये ने सांत्वना गोल किया।
हालंद ने सपनों जैसा विश्व कप डेब्यू किया
दूसरी ओर, नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालंद ने अपने पहले विश्व कप मैच को यादगार बना दिया। उन्होंने इराक के खिलाफ दो गोल और एक असिस्ट दर्ज किया। उनकी बदौलत नॉर्वे ने 28 साल बाद विश्व कप में वापसी करते हुए जीत के साथ अभियान की शुरुआत की।
मैच के बाद हालंद ने कहा, 'मुझे लगता है कि लोगों ने बड़ी स्क्रीन पर देख लिया होगा कि मैं कैसा महसूस कर रहा था। यह शानदार एहसास है और मुझे गर्व है। विश्व कप में पदार्पण करना और 28 साल बाद नॉर्वे को विश्व कप मैच जिताने में योगदान देना मेरे लिए बेहद खास है। मेरा पहला गोल अच्छा था, दूसरा उससे भी बेहतर। अब उम्मीद है कि पूरे नॉर्वे में जश्न मनाया जाएगा।'
खुद को सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर मानने से किया इनकार
हालंद के कोच स्टाले सोलबाकेन ने उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर बताया था, लेकिन हालंद ने इस दावे को विनम्रता से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोररों में जरूर हूं, लेकिन इस सीजन सबसे ज्यादा गोल मैंने नहीं किए। आंकड़ों के हिसाब से हैरी केन और किलियन एमबाप्पे ने मुझसे ज्यादा गोल किए हैं, इसलिए मैं खुद को नंबर एक नहीं कहूंगा।'
हालंद की तारीफ करते हुए उनके साथी खिलाड़ी सैंडर बर्गे ने कहा, 'एरलिंग बेहद खतरनाक और प्रभावी खिलाड़ी हैं। वह किसी भी पल मैच का रुख बदल सकते हैं। उनमें गोल करने की भूख हमेशा दिखाई देती है। वह एक जानवर की तरह खेलते हैं।'