सुआरेज ने कोच पर थूका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फुलटाइम सीटी बजते ही माहौल अचानक बिगड़ गया। हार से झुंझलाए सुआरेज सीधे सीएटल साउंडर्स के 20 वर्षीय मिडफील्डर ओबेद वर्गास की ओर भागे और उन्हें हेडलॉक दे दिया। इस अप्रत्याशित हरकत से खिलाड़ियों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। सुआरेज को ऐसा करते देखते ही दोनों टीमों के खिलाड़ी और स्टाफ आपस में भिड़ गए। मामला कुछ ही सेकंड में बवाल का रूप ले चुका था। मैदान पर धक्का-मुक्की, गाली-गलौज, लात-घूंसे और अफरा-तफरी ने फाइनल के समापन को एक विवादास्पद मोड़ दे दिया। इस पूरे हंगामे को शांत करने में अधिकारियों और अन्य खिलाड़ियों को कई मिनट लग गए।
हालांकि, विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। झगड़े से अलग होने के बाद सुआरेज सीएटल के असिस्टेंट कोच ओबेड वर्गास की ओर बढ़े। कोच ने उनसे बातचीत से इनकार कर दिया, जिससे मामला और गरमा गया। जैसे ही सुरक्षाकर्मी और साथी खिलाड़ी उन्हें वहां से हटाने लगे, कैमरों में साफ कैद हुआ कि सुआरेज ने जाते-जाते कोच पर थूक दिया। इस हरकत ने पूरे माहौल को और ज्यादा शर्मनाक बना दिया और सोशल मीडिया पर तुरंत उनकी आलोचना शुरू हो गई।
फुटबॉल जगत हैरान-परेशान
इस घटना ने फुटबॉल जगत को झकझोर दिया है। प्रशंसक और विश्लेषक सुआरेज के बर्ताव की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे समय में जब इंटर मियामी पहले ही करारी हार झेल चुका था, कप्तान स्तर के खिलाड़ी से उम्मीद की जाती है कि वह संयम बनाए रखे, लेकिन सुआरेज का यह कदम न सिर्फ उनकी टीम, बल्कि उनके करियर पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। मेजर लीग सॉकर (MLS) के अधिकारी इस मामले की जांच कर दोनों टीमों पर सख्त कार्रवाई कर सकते हैं। थूकना खेल की सबसे अपमानजनक और अस्वीकार्य हरकतों में से एक मानी जाती है, और पिछले मामलों में इसके लिए खिलाड़ियों को भारी जुर्माने और लंबे प्रतिबंध झेलने पड़े हैं।
सुआरेज की विवादित छवि
यह पहली बार नहीं है जब लुइस सुआरेज विवादों में फंसे हों। उनका करियर कई कुख्यात घटनाओं से भरा रहा है। 2010 फीफा विश्व कप में उन्होंने हैंडबॉल किया था। घाना के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान उन्होंने उरुग्वे के गोल पोस्ट में जा रही गेंद को हाथ से रोक दिया था। इसके बाद उन्हें रेड कार्ड दिया गया था। घाना को पेनल्टी किक मिला, लेकिन असामोह ज्ञान शॉट मिस कर गए। उरुग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में मैच जीता था और उनकी टीम फिर सेमीफाइनल में हार गई थी। इसके अलावा, वह कई बार बाइटिंग (काटने) की घटनाओं में पकड़े गए। उन्हें कई बार लंबा बैन भी झेलना पड़ा। अब एक बार फिर वह अपने आक्रामक और असंयमित बर्ताव की वजह से सवालों के घेरे में हैं। आइए जानते हैं...
- 2014 फीफा विश्व कप में उन्होंने इटली के डिफेंडर जॉर्जियो कीएलिनी को दांत से काट लिया था, जिसके बाद उन्हें चार महीने का प्रतिबंध झेलना पड़ा।
- लिवरपूल के दिनों में उन्होंने चेल्सी के ब्रानिस्लाव इवानोविक को दांत से काटा और सात मैचों का बैन झेला।
- आयाक्स में खेलते समय भी वे एक प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को कान के पास दांत से काटने के कारण निलंबित हुए थे।