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मेटलाइफ में फिर टूटा मेसी का दिल: इसी मैदान पर 2016 में लिया था संन्यास, यहीं खत्म हुआ दूसरे वर्ल्ड कप का सपना

Mon, 20 Jul 2026 06:26 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

न्यू जर्सी का मेटलाइफ स्टेडियम लियोनल मेसी के करियर के सबसे भावुक पलों का गवाह बन गया। 2016 में यहीं संन्यास का एलान करने वाले मेसी 10 साल बाद इसी मैदान पर विश्व कप फाइनल हार गए। जीत के साथ विदाई का सपना अधूरा रह गया और करियर का एक भावुक चक्र पूरा हो गया।
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मेसी भावुक हो गए - फोटो : FIFA.COM
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विस्तार
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न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम ने एक बार फिर लियोनल मेसी के करियर की सबसे भावुक कहानी लिख दी। 10 साल पहले इसी मैदान पर कोपा अमेरिका फाइनल में हार के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का एलान कर दुनिया को चौंका दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने फैसला बदला, वापसी की और अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका, फाइनलिसिमा और 2022 का विश्व कप जिताया। लेकिन 2026 फीफा विश्व कप का फाइनल फिर उन्हें उसी मैदान पर ले आया, जहां उनकी कहानी एक बार फिर दर्द के साथ खत्म हुई।

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स्पेन ने अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब जीत लिया। 106वें मिनट में फेर्रान टोरेस के निर्णायक गोल ने अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना तोड़ दिया। अंतिम सीटी बजते ही मेसी की आंखें नम थीं और मेटलाइफ स्टेडियम एक बार फिर उनके करियर के सबसे भावुक लम्हों का गवाह बन गया। हार के बाद मेसी रो पड़े।

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मेसी - फोटो : FIFA.COM

2016 में यहीं लिया था संन्यास का फैसला

26 जून 2016 को कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट में चूकने के बाद मेसी ने कहा था कि अब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया है। उस घोषणा ने पूरी फुटबॉल दुनिया को हैरान कर दिया था। हालांकि अर्जेंटीना के प्रशंसकों और साथियों के आग्रह पर उन्होंने कुछ ही समय बाद वापसी कर ली।

वापसी के बाद मेसी ने वह सब हासिल किया, जिसकी उनके करियर में कमी मानी जाती थी। उन्होंने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका, 2022 में फाइनलिसिमा और उसी साल फीफा विश्व कप जीतकर खुद को महानतम खिलाड़ियों की सूची में और मजबूत कर लिया।

10 साल बाद अधूरी रह गई फेयरीटेल विदाई

19 जुलाई 2026 को मेसी अपने करियर का तीसरा विश्व कप फाइनल खेलने के लिए फिर मेटलाइफ स्टेडियम पहुंचे। उम्मीद थी कि यह मैदान इस बार उनकी सुनहरी विदाई का गवाह बनेगा, लेकिन स्पेन की अनुशासित और आक्रामक फुटबॉल ने ऐसा नहीं होने दिया। पूरे मैच में स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मेसी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अर्जेंटीना लगातार दबाव में रही और अतिरिक्त समय में फेर्रान टोरेस के गोल ने मुकाबले का फैसला कर दिया।

लियोनल मेसी - फोटो : ANI/IANS

रिकॉर्ड भी नहीं बना सके मेसी

मेसी ने टूर्नामेंट में आठ गोल किए और विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 21 तक पहुंचाई, लेकिन वह फ्रांस के किलियन एमबाप्पे (22 गोल) को पीछे नहीं छोड़ सके। गोल्डन बूट और सर्वाधिक विश्व कप गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके हाथ नहीं लगा। व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह फाइनल उनके लिए निराशाजनक रहा। मेसी ने फीफा विश्वकप 2026 में आठ गोल किए, जबकि एमबाप्पे ने 10 गोल के साथ गोल्डन बूट जीता। गोल्डन बॉल भी स्पेन के कप्तान रोड्री को दिया गया।

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लियोनल मेसी - फोटो : ANI/IANS

एक मैदान, दो दर्दनाक यादें

मेटलाइफ स्टेडियम अब मेसी के करियर से हमेशा के लिए जुड़ गया है। 2016 में यहीं उन्होंने संन्यास का एलान किया था और 2026 में इसी मैदान पर विश्व कप जीतकर विदाई लेने का सपना टूट गया। फर्क सिर्फ इतना रहा कि पहली बार उन्होंने हार के बाद खेल छोड़ने का फैसला किया था, जबकि दूसरी बार हार ने उनके आखिरी विश्व कप को भावुक अंत दे दिया। फुटबॉल इतिहास में शायद ही किसी महान खिलाड़ी के करियर का ऐसा पूर्ण चक्र किसी एक मैदान पर देखने को मिला हो।

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