'एंटी-रेसिज्म' इशारे ने क्यों बटोरी सुर्खियां?
मैच के अंतिम क्षणों में मिस्र के मुख्य कोच होसम हसन और लियोनेल मेसी के बीच टचलाइन पर तीखी बहस देखने को मिली। इसी दौरान हसन ने फीफा के 'एंटी-रेसिज्म' इशारे जैसा संकेत किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस दौरान मैच अधिकारी ने बीच-बचाव किया, जबकि मेसी के साथी खिलाड़ी भी मौके पर पहुंच गए और उन्हें दोबारा खेल पर ध्यान देने के लिए पीछे ले गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मैच के दौरान विवाद बढ़ने पर रेफरी ने सख्त रुख अपनाया और टीम स्टाफ के एक सदस्य को रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद संबंधित स्टाफ सदस्य को मैदान के तकनीकी क्षेत्र से बाहर जाना पड़ा।
हार के बाद होसम हसन ने क्या आरोप लगाए?
मैच खत्म होने के बाद होसम हसन ने कहा कि उनकी टीम के साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की जीत पूरी तरह से अवांछित थी। मैं वादा करता हूं कि आज घर लौटने के बाद इस विश्व कप का कोई भी मैच नहीं देखूंगा, क्योंकि इसमें कोई न्याय नहीं है। मेरा व्यक्तिगत विरोध यही है कि मैं अब यह विश्व कप नहीं देखूंगा।
क्या हसन ने FIFA के 'फेयर प्ले' पर भी सवाल उठाए?
हसन ने कहा कि उनकी टीम जीत की हकदार थी और वह अपनी टीम को 'बैड लक' नहीं कहना चाहते। उन्होंने कहा कि हम सम्मान के साथ बाहर हुए हैं। लेकिन अंतिम नतीजा फीफा के 'फेयर प्ले' और सम्मान की बातों से बहुत दूर था। आज न सम्मान दिखा और न ही फेयर प्ले।