इटली के लिए शर्मनाक रिकॉर्ड
यह हार इटली के फुटबॉल इतिहास के सबसे खराब दौर में से एक मानी जा रही है। 2006 में आखिरी बार वर्ल्ड कप जीतने वाली यह टीम अब लगातार तीन बार टूर्नामेंट में जगह नहीं बना सकी है। टीम ने आखिरी बार 2014 में फीफा विश्वकप खेला था और पहले ही राउंड से बाहर हो गई थी। इसके बाद से टीम 2018 और 2022 फीफा विश्वकप में नहीं खेल पाई थी। खास बात यह है कि मौजूदा कोच गेनारो गटूसो उस 2006 की विजेता टीम का हिस्सा थे, लेकिन कोच के रूप में वह टीम को इस संकट से नहीं निकाल पाए। इटली अब पहली ऐसी पूर्व वर्ल्ड कप विजेता टीम बन गई है, जो लगातार तीन वर्ल्ड कप में क्वालिफाई नहीं कर सकी।
फीफा विश्वकप की सबसे सफल टीम में शामिल इटली
इटली की टीम फुटबॉल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक रही है। इस टीम ने दशकों तक दुनिया पर राज किया और कई बड़े खिताब अपने नाम किए। टीम ने चार बार फीफा विश्वकप का खिताब जीता है। इसके अलावा टीम ने 1968 और 2021 में यूरो कप का खिताब भी जीता था। इटली की टीम 1936 ओलंपिक में गोल्ड मेडल भी जीत चुकी है। इटली अपने चार खिताबों के साथ फीफा विश्वकप इतिहास की दूसरी सबसे सफल टीमों में शामिल है। यह रिकॉर्ड जर्मनी के बराबर है। इन दोनों से आगे केवल ब्राजील है, जिसने पांच बार वर्ल्ड कप जीता है।
सबसे ज्यादा फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमें
| टीम |
खिताब |
जीत के साल |
| ब्राजील |
5 |
1958, 1962, 1970, 1994, 2002 |
| जर्मनी |
4 |
1954, 1974, 1990, 2014 |
| इटली |
4 |
1934, 1938, 1982, 2006 |
| अर्जेंटीना |
3 |
1978, 1986, 2022 |
| फ्रांस |
2 |
1998, 2018 |
| उरुग्वे |
2 |
1930, 1950 |
| इंग्लैंड |
1 |
1966 |
| स्पेन |
1 |
2010 |
इटली को हराने के बाद बोस्निया की टीम
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रोमांचक मुकाबला, अंत में पेनल्टी का फैसला
मैच की शुरुआत में ही पावेल सल्क ने शानदार वॉली से चेकिया को बढ़त दिलाई। हालांकि 72वें मिनट में जोआकिम एंडरसन ने हेडर से स्कोर बराबर कर दिया। एक्स्ट्रा टाइम में लदिस्लाव क्रेजकि के गोल से चेकिया फिर आगे हो गया, लेकिन डेनमार्क ने हार नहीं मानी। सब्स्टीट्यूट कैस्पर होग ने 111वें मिनट में गोल कर मुकाबला फिर बराबर कर दिया। पेनल्टी में चेकिया ने बेहतर प्रदर्शन किया, जहां माइकल सैडिलेक का निर्णायक शॉट टीम को जीत दिलाने में सफल रहा।