ईरान की महिला पत्रकार राहा पूरबख्श भी इन 3500 महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने मैच के लिए टिकट बुक किया। राहा ने कहा, ‘मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि ईरान में ऐसा हो रहा है। मैंने पिछले कई सालों तक इसके लिए काम किया और देश में हो रहे प्रदर्शनों को भी टीवी पर देखा। अब मैं इसका (मैच देखने की आजादी) अनुभव ले सकूंगी।’
ईरान की 29 साल की सहर खोडयारी फुटबॉल प्रशंसक थी। इसी साल मार्च में सहर लड़कों के कपड़े पहनकर तेहरान स्टेडियम में हो रहा फुटबॉल मैच देखने पहुंची थी। इसी दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद कोर्ट ने सहर को 6 महीने की सजा सुनाई थी। पिछले महीने ही जेल जाने के डर से सहर ने खुद को आग लगाकर जान दे दी थी। सहर की पसंदीदा टीम एस्टेगलल फ़ुटबॉल क्लब थी और इसका कलर ब्लू था। इसी कारण लोग सहर को प्यार से ‘ब्लू गर्ल’ कहने लगे।
पिछले महीने एक जैनब नाम की लड़की भी लड़कों के कपड़े पनहकर मैच देखने गई थी, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद जैनब की फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसी साल मार्च में एक मैच देखने की कोशिश करने वाली 35 महिलाओं को हिरासत में लिया गया था। ईरान में महिलाओं के स्टेडियम में प्रवेश पर प्रतिबंध का कोई लिखित कानून नहीं है। 1979 इस्लामिक क्रांति के बाद यह तय किया गया था कि महिलाओं को किसी भी स्टेडियम में विशेष परिस्थितियों में ही प्रवेश मिलेगा।