भारतीय कप्तान सुनील छेत्री जब सोमवार को इंटर कॉन्टिनेंटल कप में केन्या के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे तो सभी की निगाह उन पर होगी। दरअसल यह छेत्री का 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच है। पिछले मैच में हैट्रिक करने वाले स्टार स्ट्राइकर से एक बार फिर टीम को बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। अब तक 59 गोल कर चुके छेत्री भारत की ओर से सर्वाधिक गोल करने वाले फुटबॉलर हैं।
चार देशों के टूर्नामेंट में 97वें रैंकिंग की भारतीय टीम ने पहले मैच में चीनी ताइपे को 5-0 से रौंदा था और केन्या के खिलाफ मैच में जीत से टीम फाइनल में जगह सुरक्षित कर लेगी। भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट अगले साल होने वाले एशियन कप की तैयारियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। छेत्री और साथी स्ट्राइकर जेजे लालपेखुआ यह पहले भी दिखा चुके हैं कि अगर वो लय में हैं तो किसी भी रक्षण की दीवार को भेद सकते हैं। आक्रामक खेलने वाली अफ्रीकी टीम के मजबूत कदकाठी वाले खिलाड़ियों के आगे भी भारतीय खिलाड़ियों से अच्छा प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद की जा सकती है।
भारत की मध्यपंक्ति भी मजबूत
भारतीय कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन के पास अग्रिम पंक्ति के लिए बलवंत सिंह का भी विकल्प है लेकिन यह मैच के हालात पर निर्भर करता है कि किसे उतारा जाता है। यदि छेत्री की अगुआई वाली अग्रिम पंक्ति मनमाफिक अंदाज में खेलने में सफल रहती है तो केन्या को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। भारत के पास उदांता सिंह, अनिरूद्ध थापा और प्रणय हलदर जैसे आक्रामक मिडफील्डर हैं। चीनी ताइपे के खिलाफ उदांता और प्रणय ने गोल भी किए थे।
रक्षण में भारत के पास अनुभवी संदेश झिंगान और प्रीतम कोटल के अलावा नारायण दास और शुभाशीष बोस हैं। गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू की भूमिका भी हमेशा की तरह महत्वपूर्ण होगी हालांकि पिछले मैच में तो उन्हें कुछ खास करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। दूसरी ओर केन्या की टीम छेत्री के सौवें मैच का मजा किरकिरा करने की उधेड़बुन में होगी। उनके कोच सेबेस्टियन मिंगे ने भारत को एक अच्छी टीम करार दिया है।