बराबरी हासिल करने में बंगलूरू एफसी ने रक्षक पंक्ति में दरार छोड़ दी जिसका चेन्नइयन ने फायदा उठाया। बंगलूरू ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत प्रभावशाली ढंग से की थी और छेत्री के गोल से मिली बढ़त के बाद मनोवैज्ञानिक रूप से टीम का पलड़ा भी भारी लगने लगा था।
छेत्री ने उदांता सिंह के क्रास पर हेडर से गोल किया था। हालांकि मेजबान टीम की खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। अल्वेस ने ग्रेगोरी नेल्सन की मदद से मिली गेंद पर हेडर से बराबरी का गोल दाग दिया था।