तमिलनाडु की नथानिया रूस जाने वाली एकमात्र लड़की हैं, जिन्होंने प्रतियोगिता में 50 लड़कों को मात दी और अपनी फुटबॉल की शैली से सभी को प्रभावित किया। इस अभियान का आयोजन फीफा के आधिकारिक पार्टनर किया मोटर्स ने किया था। नथानिया 22 जून को ब्राजील और कोस्टा रिका के बीच मैच से पहले मैच बॉल लेकर मैदान पर आएंगी।
फीफा के ओएमबीसी कार्यक्रम के तहत विभिन्न देशों के 64 स्कूली बच्चों को विश्व कप में मैच बॉल लेकर मैदान में जाने का मौका मिला है। इसमें भारत के दो बच्चे शामिल हैं, जिन्हें विश्व के दिग्गज फुटबॉलरों के साथ मैदान में जाने का मौका मिलेगा।
नथानिया ने रूस जाने से पहले कहा था, 'हमने 30 सेकंड का वीडियो अपलोड किया था, जिसमें अपनी फुटबॉल स्किल्स दिखाईं थीं। 1500 बच्चों में से 50 को शॉर्ट लिस्ट किया गया और फिर अंतिम 6 के बाद आखिरी दो का चयन किया गया। मुझे मैदान पर जाने का ख्याल सता नहीं रहा है। मैं उत्साहित जरूर हूं, लेकिन ज्यादा बढ़ाना नहीं चाहती हूं। मुझे नहीं पता कि स्टार फुटबॉलरों के ऑटोग्राफ्स ले पाउंगी या नहीं, लेकिन ऐसा करना जरूर पसंद करूंगी।'