दिवाली के बाद देश की राजधानी दिल्ली में हर साल प्रदूषण बढ़ जाता है। पूरा एनसीआर गैस चैंबर में तब्दील हो जाता है। आम आदमी जहरीली गैस, स्मॉग और धुंधभरी हवा में जीने को मजबूर है। इस परेशानी से भारतीय फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री भी जूझ रहे हैं।
बुधवार को छेत्री ने कहा कि राजधानी का प्रदूषण खेल और खिलाड़ियों के लिए गहरी चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि, 'मैं दिल्ली का ही हूं, लेकिन मुझे भी प्रदूषण से चिंता होती है। वैसे भी मेरा दिल्ली आना-जाना कम हो गया है। हम यहां जब भी मैच के लिए आते हैं तो एक दिन पहले ही आते हैं ताकि यहां ज्यादा दिन न रहना पड़े। यहां तक कि आंखों में जलन होने लगती है। कुछ विदेशी खिलाड़ी मास्क पहनते हैं। अधिकतर लोग दिवाली के दौरान दिल्ली में रुकना पसंद नहीं करते। हम सभी को एकसाथ इस इस ओर कुछ सोचना होगा और समझना होगा कि किस तरह इस समस्या से पार पाया सकता है।