भारत के लिए सकारात्मक पक्ष यह है कि वह अपनी मजबूत टीम के साथ उतरेगा। कतर के खिलाफ 2019 के मैच में करिश्माई स्ट्राइकर सुनील छेत्री नहीं खेल पाए थे क्योंकि वह बुखार से पीड़ित थे। उनकी वापसी से निश्चिततौर पर भारतीय टीम का मनोबल बढ़ेगा। छेत्री मार्च में दो अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों में भी नहीं खेल पाए थे क्योंकि वह कोविड-19 के संक्रमण से उबर रहे थे। लेकिन कतर की टीम कागजों पर साफतौर पर मजबूत नजर आ रही है।
कतर एशिया की शीर्ष टीमों में शामिल है। उसने हाल में यूरोपीय और दक्षिण अमेरिकी टीमों के खिलाफ अच्छे परिणाम हासिल किए। पिछली बार उनके खिलाफ हमने अंक हासिल किया था जिससे टीम का मनोबल बढ़ा है। हम जानते हैं कि इस बार वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हमें भी एकजुट होकर उनका मुकाबला करना होगा।
-सुनील छेत्री, भारतीय कप्तान
टीम
गुरप्रीत सिंह संधू, अमरिंदर सिंह, धीरज सिंह, प्रीतम कोटल, राहुल भेके, नरेंद्र गहलोत, चिंगलेनसाना सिंह, संदेश झिंगन, आदिल खान, आकाश मिश्रा, सुभाशीष बोस, उदंता सिंह, ब्रेंडन फर्नांडीस, लिस्टन कोलाको, रॉलिन बोर्गेस, ग्लेन मार्टिंस, अनिरुद्ध थापा, प्रणॉय हलदर, सुरेश सिंह, लालेंगमाविया राल्ते, अब्दुल सहल, यासिर मोहम्मद, लल्लियांजुआला छंगटे, बिपिन सिंह, आशिक कुरुनियान, ईशान पंडिता, सुनील छेत्री, मनवीर सिंह।
स्पेन की कार्ला सुआरेज नवारो ने कैंसर को मात देकर लगभग डेढ़ साल बाद फ्रेंच ओपन से फिर से टेनिस कोर्ट पर वापसी की। हालांकि अपने सबसे पसंदीदा टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हार से वह निराश भी थी। वह वापसी पर जीत हासिल करने के लिए बेताब थी। उन्होंने कहा हो सकता है कि समय के साथ मेरा नजरिया बदल जाए लेकिन अभी मैं बहुत खुश नहीं हूं। मैं यहां मैच जीतने आई थी।
नवारो ने कीमोथेरेपी से गुजरने के बाद पेशेवर टेनिस में वापसी की लेकिन वह पहले दौर में 2017 की यूएस ओपन चैंपियन स्लोएने स्टीफंस से 6-3, 6-7, 4-6 से हार गई। यह मैच लगभग ढाई घंटे तक चला जिसकेसमाप्त होने पर स्टीफंस ने नवारो को गले लगा दिया। स्टीफंस ने कहा, वह बुरे दौर से गुजरी हैं। हम सबको खुशी है कि वह अब स्वस्थ हैं और फिर से खेल रही हैं जो कि मेरी नजर में वास्तव में महत्वपूर्ण है।