SAFF चैंपियनशिप में भारतीय टीम शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन कर रही थी, जिसने सभी भारतीय समर्थकों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया थी कि टीम यह चैंपियनशिप जरुर जितेगी। सुनील छेत्री पहले ही टीम इंडिया के स्टार हैं, साथ ही आईएसएल में वह बेंगलुरु एफसी के लिए भी खेलते हैं। ऐसे में फैंस बड़ी तादाद में उन्हें देखने और टीम इंडिया को चीयर करने पहुंचे थे। बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में लगभग 26 हजार भारतीय फैंस मौजूद थे जो फाइनल में भारतीय टीम का हौसला बढ़ा रहे थे।
जीत के बाद एक ऐसा लम्हा आया जिसने सभी भारतीयों के रोंगटे खड़े कर दिए। कांतिरावा स्टेडियम में आया हर भारतीय गर्व से हमारा राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम्' गाना शुरु कर दिया। भारत की जीत का यह शोर पूरे मैदान में गूंज रहा था। हर भारतीय के लिए यह एक यादगार लम्हा था। सुनील छेत्री ने भी भारतीय फैंस का साथ दिया और वह भी गर्व से 'वंदे मातरम्' गाते दिखे। यह दृश्य देखने लायक था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। एक फैन ने कमेंट में लिखा कि यह वीडियो एक उदाहरण है कि भारतीय फैंस क्रिकेट के अलावा भी दूसरे खेलों को उतने ही जूनून और गर्व से समर्थन करते हैं। इससे पहले ऐसा नजारा किसी क्रिकेट मैच में ही देखने को मिलता था, लेकिन सुनील छेत्री और उनके खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है की वह भी निरंतर प्रदर्शन कर भारतीय फैंस का दिल जीत सकते हैं।
भारत ने लगातार यह दूसरी चैंपियनशिप जीती है, पिछले महीने हुए इंटरकॉन्टिनेंटल कप को भी भारत ने अपने नाम किया था। भारत का यह नौवां सैफ कप था। इससे पहले टीम 1993, 1997, 1999, 2005, 2009, 2011, 2015 और 2021 में चैंपियन बना था। टूर्नामेंट के 14 साल के इतिहास में भारत नौ बार चैंपियन बना है और चार बार वह उप विजेता रहा। सांसों को थामने वाले रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में गुरप्रीत सिंह संधू ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और कुवैत के कप्तान खालिद अल इब्राहिम का आखिरी शॉट रोक दिया।
बेंगलुरु के फैंस ने पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम को खूब चीयर किया है
सडन डेथ में हुआ मैच का फैसला
पेनल्टी शूटआउट में दोनों टीमों को पांच-पांच गोल मारने के मौके मिलते हैं। इसमें चूकने वाली टीम मैच हार जाती है। निर्धारित पांच-पांच शॉट के बाद दोनों टीमें चार-चार की बराबरी पर थीं। भारत के लिए उदांता सिंह और कुवैत के मोहम्मद अब्दुल्ला गोल करने से चूक गए थे। चार-चार की बराबरी के बाद सडन डेथ की बारी आई। इसमें जो टीम गोल करने से चूकती है वह सीधे हार जाती है। उसे दूसरा मौका नहीं मिलता है। सडन डेथ में भारत के लिए महेश सिंह ने गोल किया। वहीं, कुवैत के कप्तान खालिद का शॉट भारत के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह ने रोक दिया। वह टीम इंडिया के हीरो बन गए।