स्टिमैक ने लिखा- फुटबॉल पूरी तरह से जुनून पर आधारित है। खासकर जब आप अपने देश की रक्षा करते हैं। आप मेरे कल (बुधवार) के कार्यों के लिए मुझसे नफरत या प्यार कर सकते हैं, लेकिन मैं एक योद्धा हूं और अनुचित फैसलों के खिलाफ पिच पर अपने खिलाड़ियों की रक्षा करने के लिए जरूरत पड़ने पर मैं इसे फिर से करूंगा।
दरअसल, मैच में भारत ने पाकिस्तान को 4-0 से करारी शिकस्त दी। मैच में तीन गोल (10वें, 16वें, 73वें मिनट) कप्तान सुनील छेत्री ने दागे, वहीं एक गोल उदंता सिंह ने 81वें मिनट में किया। भारत के लगातार हमले से पाकिस्तान खिलाड़ी मैदान पर घबरा गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। इसी बीच वह अपना आपा खो बैठे और भारतीय कोच इगोर स्टिमैक से बहस करने लगे।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भारतीय कोच के पास जब गेंद गई तो वह उसे पाकिस्तानी खिलाड़ी से दूर कर रहे थे। इतने में पाकिस्तान के अब्दुल्ला इकबाल आपा खो बैठे और स्टिमैक से बहस करने लगे। देखते-देखते कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने स्टिमैक को घेर लिया। इतना ही नहीं खिलाड़ियों के पाकिस्तान के मुख्य कोच शहजाद अनवर भी भारतीय कोच से बहस करने लगे।
रेफरी ने कड़ा फैसले लेते हुए भारतीय कोच स्टिमैक को रेड कार्ड दिखा दिया और उन्हें मैच से बाहर कर दिया। स्टिमैक पाकिस्तानी टीम को थ्रो देने के फैसले से निराश था। उन्हें लगा कि राइट बैक प्रीतम कोटाल फाउल हुए थे। स्टिमैक के साथ-साथ पाकिस्तान कोच को भी दंडित किया गया। उन्हें यलो कार्ड दिखाया गया। यह उनके लिए आखिरी चेतावनी थी।