हैरी केन की शानदार हैट्रिक की बदौलत बायर्न म्यूनिख ने डीएफबी-पोकाल (जर्मन कप) फाइनल में स्टटगार्ट को 3-0 से हराकर घरेलू डबल अपने नाम कर लिया। बायर्न ने इस जीत के साथ अपना 21वां जर्मन कप खिताब जीता और 2020 के बाद पहली बार इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इससे पहले टीम इस सीजन में बुंदेसलीगा का खिताब भी जीत चुकी है। बायर्न के इतिहास में यह 14वां मौका है जब क्लब ने एक ही सीजन में लीग और कप दोनों खिताब जीते हैं। वहीं स्टटगार्ट का सीजन बिना किसी ट्रॉफी के समाप्त हुआ।
पहले हाफ में स्टटगार्ट ने दी कड़ी टक्कर
मैच की शुरुआत में स्टटगार्ट ने आक्रामक खेल दिखाया और बायर्न को दबाव में रखा। शुरुआती मिनटों में डेनीज उंडाव और एंजेलो स्टिलर ने गोल करने के मौके बनाए, लेकिन बायर्न के गोलकीपर जोनास उरबिग ने शानदार बचाव किया। मैनुअल नोयर की जगह खेल रहे उरबिग ने कई महत्वपूर्ण सेव किए। दूसरी ओर बायर्न की टीम लंबे समय तक गेंद अपने पास रखने के बावजूद लय में नजर नहीं आई। हैरी केन ने पहले हाफ में एक हेडर बाहर मारा, जबकि लुइस डियाज का शॉट स्टटगार्ट के गोलकीपर अलेक्जेंडर नुबेल ने रोक लिया।
दूसरे हाफ में बदला मैच का रुख
मैच का टर्निंग पॉइंट 55वें मिनट में आया। माइकल ओलिसे पर फाउल के बाद बायर्न ने तेजी से खेल शुरू किया। ओलिसे ने दाहिने छोर से शानदार क्रॉस दिया, जिस पर हैरी केन ने हेडर के जरिए गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद स्टेडियम में आतिशबाजी और धुएं के कारण मैच कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। खेल दोबारा शुरू होने के बाद बायर्न ने पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। 80वें मिनट में केन ने लुइस डियाज के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए दूसरा गोल किया। इसके बाद इंजरी टाइम में स्टिलर के हैंडबॉल के कारण मिले पेनाल्टी पर गोल कर उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी कर ली।
जीत के बाद क्या बोले केन और कोम्पनी
मैच के बाद हैरी केन ने कहा, 'यह धैर्य बनाए रखने का मुकाबला था। पहला हाफ कठिन रहा, लेकिन हमने विपक्षी टीम को थका दिया। दूसरे हाफ में हमने शानदार प्रदर्शन किया और जीत के हकदार रहे। मुझे टीम पर बहुत गर्व है।' बायर्न के कोच विंसेंट कोम्पनी ने कहा, 'हमने मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेला। पहले हाफ में मुकाबला बराबरी का था, लेकिन दूसरे हाफ में हमने अपना स्तर ऊपर उठाया। यह लगभग परफेक्ट कप फाइनल था।' वहीं स्टटगार्ट के कोच सेबास्टियन होएनेस ने कहा, 'हार का दुख बहुत बड़ा है। 55 मिनट तक हमने वैसा ही खेल दिखाया जैसा जरूरी था। हम काफी करीब थे।'