पैराशूट से स्टेडियम में उतरा पर्यावरण कार्यकर्ता
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जर्मनी-फ्रांस के बीच खेले गए यूरो 2020 के मैच से पहले म्यूनिख के आलियांज एरीना में एक ग्रीनपीस कार्यकर्ता (पर्यावरण कार्यकर्ता) पैराशूट से मैदान पर उतरा। इस दौरान कार्यकर्ता का पैराशूट स्टेडियम की छत से लगे कैमरे के तारों से टकरा गया। इसके बाद उसका मलबा मैदान पर गिरा। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। म्यूनिख पुलिस के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि कम से कम दो लोगों के सिर में चोटें आईं और दोनों को अस्पताल ले जाना पड़ा। इनमें एक फ्रांस के और दूसरा युक्रेन के नागरिक हैं।
इस मामले में ग्रीनपीस कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया। पुलिस प्रवक्ता मुलर के अनुसार, कार्यकर्ता पर हवाई यातायात कानून का उल्लंघन करने, हवाई यातायात को खतरे में डालने, गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने और अतिचार करने जैसे तमाम आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, बाद में उसे छोड़ दिया गया। बता दें कि फ्रांस ने यह मैच जर्मनी को हराकर 1-0 से जीत लिया। उधर, जर्मन टीम के प्रवक्ता जेन्स ग्रिटनर ने इस हरकत की निंदा की है। उन्होंने कहा कि जर्मन फुटबॉल महासंघ के रूप में हम निश्चित रूप से इस तरह के हरकत की निंदा करते हैं, क्योंकि यह सिर्फ वह नहीं था, बल्कि अन्य लोग भी थे, जिन्हें उन्होंने खतरे में डाला और घायल किया। यह हमारे दृष्टिकोण से अस्वीकार्य है। बता दें कि इस मैच को देखने के लिए तकरीबन 14 हजार दर्शक आए थे।
मालूम हो कि यह स्टंट जर्मन कार निर्माता वोक्सवैगन के खिलाफ एक विरोध था, जो यूरोपीय चैंपियनशिप के प्रायोजकों में से एक है। ग्रीनपीस ने कहा कि उन्हें हुए किसी भी नुकसान के लिए खेद है। ग्रीनपीस के आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट किया कि इस विरोध का उद्देश्य कभी भी खेल को बाधित करना या लोगों को चोट पहुंचाना नहीं था।