ब्राजील में 2014 में होने वाले वर्ल्ड कप में फीफा ने गोल लाइन तकनीक इस्तेमाल करने की बात कही है। इसके लिए चार कंपनियों के बीच होड़ मची हुई है। फीफा ने कहा कि उसने कंपनियों से निविदाएं मंगवाई है जो चाहती है कि जून में कंफेडरेशन कप और अगले साल वर्ल्ड कप में उसकी तकनीक का इस्तेमाल हो।
गोल लाइन के फैसलों में रेफरियों की मदद के लिए फीफा अध्यक्ष सेप ब्लाटर ने इस तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया है क्योंकि 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप के दौरान जर्मनी के खिलाफ इंग्लैंड के मिडफील्डर फ्रेंक लैंपार्ड का एक शर्तिया गोल नहीं दिया गया था।