घाना सरकार ने एक डॉक्यूमेंटरी में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अपनी फुटबॉल एसोसिएशन (जीएफए) को भंग कर दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष नयानतकई फीफा काउंसिल के सदस्य भी हैं। घाना को अगले हफ्ते मास्को में अफ्रीकी देश मोरक्को की विश्व कप मेजबानी की दावेदारी में वोट भी करना है जिसमें मोरक्को की अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के साथ होड़ है।
फीफा जीएफए को निलंबित कर सकती है जिससे उसके वोटिंग अधिकार भी खतरे में पड़ सकते हैं। डाक्यूमेंटरी में दावा किया गया है कि एक अधिकारी ने अंडरकवर रिपोर्टर से पैसे लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बेशक इस बार घाना की टीम रूस में होने वाले विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई लेकिन अफ्रीकी सॉकर की एक मजबूत टीम है। आठ साल पहले दक्षिण अफ्रीका में हुए विश्व कप में टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी।
केन्या का रेफरी विश्व कप से बाहर
डाक्यूमेंटरी में यह भी दावा किया गया है कि अन्य अफ्रीकी देशों के रेफरी और अधिकारियों ने अंडरकवर जर्नलिस्ट से पैसा लिया। इसमें एक केन्याई रेफरी भी है जिन्हें रूस में होने वाले विश्व कप में सहायक रेफरी की भूमिका निभानी थी। उन पर 600 डॉलर लेने का आरोप है। नेशनल रेफरी एसोसिएशन का कहना है कि अब वह विश्व कप में दायित्व नहीं निभा पाएंगे। हालांकि केन्या फुटबॉल रेफरी एसोसिएशन का कहना है कि जो पैसा उन्हें देने की बात कही जा रही है वह उनके दिए इंटरव्यू के एवज में हो सकता है।