फुटबॉल का सबसे बड़ा शो यानी फीफा विश्व कप आज से शुरू होने जा रहा है। इस बार यह फुटबॉल महाकुंभ कई मायनों में पिछले 96 साल के सभी फुटबॉल आयोजनों को पछाड़ने जा रहा है। 39 दिन तक चलने वाला विश्व कप पहली बार तीन देशों की मेजबानी में हो रहा है। पहली ही बार इसमें 48 टीमें भाग लेंगी। इसके अलावा भी खासतौर पर तकनीक के मामले में यह बेहद खास साबित होने जा रहा है। ऐसे ही पांच तकनीकी उपयोग के बारे में हम आपको बता रहे हैं।
रोबो डॉग निपटेंगे दंगाइयों से
स्टेडियम में सुरक्षा के लिए मैक्सिको पुलिस खास रोबो डॉग लाई है। इन्हें ग्वाडालूप नगर परिषद ने 145,000 डॉलर में खरीदा है, जो स्टेडियम में दंगा आदि होने पर वहां जाकर सुरक्षा बलों को लाइव वीडियो फीड देंगे ताकि वे कार्रवाई तय कर सकें।
पल-पल की खबर देगी मैच बॉल
इस बार विश्वकप की आधिकारिक मैच बॉल का नाम 'ट्रायोंडा' है। इस फुटबॉल में इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट सेंसर लगा है, जो प्रति सेकेंड 500 बार डेटा वीडियो असिस्टेंट रेफरी को भेजेगा। यह गेंद की 3डी गतिविधि रिकॉर्ड करता है। इससे ऑफसाइड आदि में सटीक निर्णय लेना संभव होगा।
एडवांस ऑफसाइड तकनीक
इस विश्व कप में लाइनमैन नहीं बल्कि एडवांस सेमी ऑटोमेटेड तकनीक गेंद के ऑफसाइड होने का निर्णय लेगी। यह पुरानी तकनीक की जगह लेगी, जो 10 सेंटीमीटर तक सटीक फैसला लेगी और वीएआर के बजाय सीधे रेफरी के ईयरपीस पर रियल टाइम में ऑडियो अलर्ट भेजेगी।
फीफा विश्वकप
- फोटो : अमर उजाला/AI
एआई वाला 3डी प्लेयर अवतार
फीफा ने एआई बेस्ड 3डी प्लेयर 'अवतार' लॉन्च किया है। यह हर खिलाड़ी के शरीर के डिजिटल स्कैन का 3डी मॉडल बनाएगा। इसका उपयोग खिलाड़ियों के बाधा डालने या ऑफसाइड जाने पर उन्हें ट्रैक करने के लिए होगा।
रेफरी के बॉडी कैमरे
विश्व कप के सभी 104 मैचों में रेफरी कई प्रमुख लीग की तरह बॉडी कैमरों का भी उपयोग करेंगे। इससे प्रशंसकों को मैदान पर खेल का ऐसा दृश्य देखने को मिलेगा मानो वे खुद वहीं मौजूद हैं।