स्पेन के हमले, वोजिन्हा बने दीवार
अटलांटा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया और अपने नैचुरल टिकिटाका गेम को अपनाया। टीम ने बॉल पजेशन बनाए रखा और लगातार गोल करने की कोशिश की। स्पेन ने पूरे मैच में 27 शॉट लगाए, लेकिन कोई भी प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सका। केप वर्डे की रक्षा पंक्ति कई बार दबाव में दिखी, लेकिन हर बार वोजिन्हा दीवार बनकर सामने आए। यहां तक कि दूसरे हाफ में बार्सिलोना के युवा सुपरस्टार लामिन यमाल के आने के बाद भी स्पेन गोल नहीं कर पाया। विश्व कप इतिहास में डेब्यू मैच में क्लीन शीट रखने वाले सबसे उम्रदराज गोलकीपर बनकर वोजिन्हा ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
मैच खत्म होते ही छलक पड़े आंसू
अंतिम सीटी बजते ही वोजिन्हा अपने गोलपोस्ट के पास झुक गए और भावुक होकर रोने लगे। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी। आखिरकार, केप वर्डे ने अपने पहले विश्व कप मैच में खिताब की प्रबल दावेदार स्पेन से अंक छीन लिया था। वोजिन्हा ने बाद में कहा, 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी इस पल, इस सपने के लिए मेहनत की है। पिछली कई पीढ़ियां इस दिन का सपना देखती थीं, लेकिन उसे हासिल नहीं कर सकीं। अब यह सपना सच हो गया है।'
50 हजार से 50+ लाख फॉलोअर्स तक
मैच शुरू होने से पहले इंस्टाग्राम पर वोजिन्हा के करीब 50 हजार फॉलोअर्स थे। लेकिन स्पेन के खिलाफ उनके शानदार प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर मानो बाढ़ आ गई। मैच के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि उनके फॉलोअर्स 15 लाख से अधिक हो चुके हैं। कुछ ही घंटों में यह संख्या बढ़ते-बढ़ते 50+ लाख के करीब पहुंच गई। रातों-रात वह विश्व फुटबॉल के चर्चित चेहरों में शामिल हो गए।
केप वर्डे ने रचा इतिहास
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25 साल की उम्र में शुरू हुआ पेशेवर करियर
वोजिन्हा का सफर भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उनका जन्म तीन जून 1986 को केप वर्डे के मिंडेलो शहर में हुआ था। वोजिन्हा ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अपने नाम के नीचे जोसिमार डियास लिख रखा है। यानी उनका असली नाम जोसिमार डियास है, लेकिन वह बचपन से वोजिन्हा नाम से ही चर्चित हुए। बचपन में उनके पिता सेना में थे और मां नौकरी करती थीं, इसलिए उनका पालन-पोषण मुख्य रूप से दादा-दादी ने किया। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े फुटबॉल अकादमी सिस्टम में ट्रेनिंग नहीं ली। मोहल्ले के लड़कों के साथ खेलते हुए उन्होंने खुद को निखारा। प्रोफेशनल फुटबॉल में उनका डेब्यू 25 साल की उम्र में अंगोला के क्लब प्रोग्रेसो से हुआ। इसके बाद उन्होंने मोल्दोवा, साइप्रस, स्लोवाकिया और पुर्तगाल में क्लब फुटबॉल खेला। फिलहाल वह पुर्तगाल के सेकंट टियर क्लब जीडी चावेस से जुड़े हैं।