दुनिया के दूसरे सबसे फुटबॉल टूर्नामेंट यूरो कप की मेजबानी करना इस बार फ्रांस के लिए चुनौती साबित हो रही है। स्थानीय पुलिस सोमवार तक 557 हुडदंगियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
फ्रांस के आतंरिक मंत्री बर्नार्ड काजेनेवू ने सोमवार को बताया कि यूरो कप जब से शुरू हुआ है तब से लेकर 557 फुटबॉल प्रशंसकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, साथ ही 21 हुडदंगियों को हिंसा में भाग लेने के कारण देश से बाहर भी भेजा जा चुका है।
मंत्री ने यह भी कहा कि इनमें से 344 लोग गिरफ्तारी के बाद हिंसा में शामिल होने का अपराध स्वीकार कर लिया था जिस कारण उन्हें जेल की सजा मिली।
फ्रेंच सरकार ने इस खेल के सफल आयोजन के लिए 70 हजार पुलिस वालों की तैनाती की गई है। यह टूर्नामेंट 10 जून से शुरू हुआ था।
11 जून को यूरो कप के दौरान इंग्लैंड-रूस मैच के बाद हिंसक झड़पों को लेकर फ्रांस की एक अदालत ने पिछले दिनों रूस के तीन समर्थकों को उनकी भूमिका को लेकर जेल की सजा सुनाई। इनमें से एक को दो साल तक कारावास की सजा सुनाई गई है। (यह तस्वीर उसी हिंसा की है)
एलेक्सी येरूनोव, निकोलई मोरोजोव और सर्जेई गोर्बाचेव उन 43 रूसी समर्थकों में शामिल थे जिन्हें फ्रेंच पुलिस ने हिंसा के बाद हिरासत में लिया था। हिंसक झड़पों में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
29 साल के येरूनोव को सर्वाधिक दो साल के कारावास की सजा सुनाई गई। उसने यह बात स्वीकार की है कि वह उस समय वहां मौजूद था जहां इंग्लैंड के एक समर्थक के सिर पर लोहे की छड़ मारी गई थी जो गंभीर रूप से घायल हो गया था लेकिन उसने इस बात से इनकार किया कि उसने लोहे की छड़ मारी थी।