भारत के पूर्व दिग्गज फुटबॉलर और कप्तान बाईचुंग भूटिया के नाम पर बन रहे 15000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम का उद्घाटन कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप कम होने पर किया जाएगा। इस स्टेडियम में दूधिया रोशनी की भी व्यवस्था होगी। नामची में बना यह स्टेडियम तिनकिताम में भूटिया के जन्मस्थान से 25 किलोमीटर दूर है।
सिक्किम फुटबॉल संघ के अध्यक्ष मेनला एथेनपा के हवाले से अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने कहा, ‘यह भारत के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में से एक के प्रति हमारा सम्मान है। संन्यास लेने के बाद भी बाईचुंग भूटिया कई के लिए आदर्श हैं और सिक्किम ही नहीं बल्कि भारत में फुटबॉलरों को प्रेरित करते रहेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने भारतीय फुटबॉल के लिए जो किया है हम उसकी कीमत अदा नहीं कर सकते। मगर उनके नाम पर स्टेडियम का नाम रखकर हम इस महान फुटबॉलर के प्रति सम्मान दिखाना चाहते हैं। ’ यह देश में पहला स्टेडियम होगा जिसका नाम किसी फुटबॉलर के नाम पर रखा जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मैचों का शतक पूरा करने वाले पहले भारतीय फुटबॉलर भूटिया ने कहा कि वह इससे काफी सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित और रोमांचित हूं। अगर आप बड़ी तस्वीर देखें तो मैं इसलिए खुश हूं कि उभरते हुए खिलाड़ियों को फुटबॉल खेलने के लिए एक और शीर्ष स्तरीय सुविधा और बुनियादी ढांचा मिलेगा।’ बाईचुंग भूटिया फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण कार्य 2010 में शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय समस्याओं के कारण इसे कई अड़चनों का सामना करना पड़ा। सिक्किम के मौजूदा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के पदभार संभालने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ।
स्टेडियम में कृत्रिम टर्फ पहले ही लगाया जा चुका है और साथ ही 15000 दर्शकों को बैठाने के लिए स्टैंड भी लग चुके हैं। एथेनपा ने कहा कि फ्लडलाइट लगाने की योजना पर काम चल रहा है और इसे निर्माण कार्य के दूसरे चरण में पूरा किया जाएगा।