मैक्सिको में दूसरी बार हुआ 1986 का विश्व कप पूरी तरह से अर्जेंटीना के कप्तान डिएगो मैराडोना के नाम रहा। मैराडोना के दम पर अर्जेंटीना दूसरी बार चैंपियन बना। फाइनल में अर्जेंटीना ने वेस्ट जर्मनी को 3-2 से शिकस्त देकर दूसरी बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में मैराडोना के दो गोल से अर्जेंटीना 2-1 से जीता था। पर उनके दोनों गोल चर्चा में रहे थे। इनमें से खासकर पहला गोल काफी विवादित रहा था।
गेंद मैराडोना के हाथ से लगकर गोल पोस्ट में गई थी पर रेफरी इसे देख नहीं सके और इसे गोल मान लिया गया। मैराडोना ने इसे भगवान की मर्जी बताते हुए इसे हैंड ऑफ गॉड नाम दिया था जोकि आज तक इसी नाम से मशहूर है। इसके चार मिनट बाद ही उन्होंने ऐसा खूबसूरत गोल दागा जिसे सदी का सर्वश्रेष्ठ गोल कहा गया। मैराडोना ने इंग्लिश गोलकीपर सहित पांच खिलाड़ियों को चकमा देते हुए यह गोल किया था। मैराडोना ने टूर्नामेंट में कुल पांच गोल किए थे। फ्रांस ने बेल्जियम को 4-2 से मात देकर तीसरा स्थान हासिल किया।
भूकंप ने हिलाया
मैक्सिको दूसरी बार विश्व कप की मेजबानी करने वाला पहला देश बना था। टूर्नामेंट से आठ महीने पहले 1985 में आए भूकंप से मेजबानी पर संकट आ गया था। हालांकि इससे स्टेडियमों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ और निर्धारित नौ शहरों में शानदार ढंग से टूर्नामेंट का आयोजन हुआ।
मेजबानी से हटा कोलंबिया
टूर्नामेंट की मेजबानी कोलंबिया को करनी थी, लेकिन 1982 में आर्थिक संकट के चलते वह इससे पीछे हट गया। इसके बाद 1983 में मैक्सिको को यह अधिकार मिला।