हाल ही में इंग्लैंड फुटबॉल में मैच फिक्सिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया, जिससे पूरी दुनिया में इस खेल के प्रशंसकों में निराशा फैल गई। पुलिस ने कथित रूप से फिक्सिंग के इस मामले में तीन खिलाड़ियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
तीनों खिलाड़ियों पर कथित रूप से मैच फिक्स करने का आरोप है। इनमें एक पूर्व प्रीमियर लीग खिलाड़ी डेलरॉय फैसी भी है, जो अब एक एजेंट के तौर पर काम करता है। हालांकि फुटबॉल में फिक्सिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है।
इससे पहले भी कई देशों में यह खेल फिक्सिंग की चपेट में आया है, जिसमें इटली, फिनलैंड, जर्मनी और चीन जैसे देश भी शामिल हैं। कभी खिलाड़ी तो कभी मैच अधिकारी और कभी मैच रेफरी फिक्सिंग के इस काले धंधे में लिप्त नजर आए हैं।
इटालियन स्ट्राइकर पर लगा पांच साल का बैन
इटली के पूर्व स्ट्राइकर गियोस्पे सिग्नोरी समेत 16 लोगों को कुल 18 मैच फिक्स करने के आरोप में 2011 में गिरफ्तार किया गया। 1992 से 1995 के बीच इटली के लिए 28 मैच खेलने वाले सिग्नोरी को फिक्सिंग के आरोप में फुटबॉल से जुड़ी किसी भी गतिविधि में भाग लेने से पांच साल तक के लिए रोक दिया गया। पांच महीने बाद 17 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
ब्राजील, जर्मनी में मैच रेफरी भी भ्रष्ट
खिलाड़ियों के अलावा मैच रेफरी भी इस गोरखधंधे की चपेट में आए। ब्राजील में 2011 में निवेशकों के एक ग्रुप ने दो रेफरियों को परिणाम फिक्स करने के लिए रिश्वत दी। ब्राजील फुटबॉल फेडरेशन ने दो रेफरियों और एक बिजनेसमैन को नैतिक पक्षपात का दोषी पाते हुए उन पर 49 मिलियन डॉलर की बड़ी राशि का जुर्माना लगाया।
वहीं जर्मनी में 2005 में 1.7 मिलियन डॉलर का मैच फिक्सिंग स्कैंडल सामने आया। मैच रेफरी रोबर्ट होजर्र ने माना कि उन्होंने आठ साल पहले मैच फिक्सिंग की थी।
ऑस्ट्रेलिया: जेल जा सकते हैं खिलाड़ी
चार ब्रिटिश समेत छह खिलाड़ियों को मैच फिक्सिंग के आरोपों में ऑस्ट्रेलिया में गिरफ्तार किया गया। ये आरोप 2013 में सर्दन स्टार्स टीम के आखिरी चार मैचों को लेकर लगाए गए थे जिसमें इस टीम ने बिना कोई स्कोर किए 13 गोल खाए। फिलहाल सर्दन स्टार्स टीम के ये खिलाड़ी जमानत पर हैं लेकिन इन्हें 10 साल की सजा मिल सकती है।
चीन में 32 पर लगा आजीवन प्रतिबंध
मैच फिक्सिंग के आरोप में चीन में 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया जिसमें खिलाड़ी और मैच अधिकारी भी शामिल थे। 33 खिलाड़ियों और अधिकारियों पर आजीवन प्रतिबंध लगा जबकि तीन साल की जांच के बाद 12 क्लबों पर जुर्माना लगाया गया। शंघाई शेनहुया क्लब पर एक मिलियन युआन का जुर्माना लगा और उससे 2003 लीग खिताब भी छीन लिया गया। सिंगापुर में इस साल अभी तक 14 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
45 लोग हंगरी में गिरफ्तार हुए। वर्ष 2009 के इस मामले में हंगरी के 44 और सिंगापुर के एक व्यक्ति को 16 साल की सजा हुई। करीब 32 मैच प्रभावित हुए, जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय मैच भी शामिल था।
2011 में सिंगापुर निवासी विल्सन राज पेरोमल को फिनिश लीग के दौरान फिनलैंड टीम के खिलाड़ियों को मैच फिक्सिंग की एवज में रिश्वत देने के आरोप में दो साल की सजा सुनाई गई।