दिल्ली में शुरू हुआ फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी टूर
करीब छह महीने बाद होने वाले 2026 फीफा वर्ल्ड कप से पहले असली ट्रॉफी तीन दिन के भारत दौरे पर पहुंची। ट्रॉफी का अनावरण दिल्ली में हुआ, जहाँ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे और ब्राजील के विश्व कप विजेता गिल्बर्टो सिल्वा मौजूद थे। ट्रॉफी इससे पहले लगभग 12 साल पहले भारत आई थी, लेकिन इस बार का माहौल जश्न से ज्यादा आलोचना से घिरा दिखा।
फैंस का सवाल: जब खेल संकट में है तो जश्न क्यों?
सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने ट्रॉफी टूर को “ऑप्टिक्स” का खेल बताया। लोगों ने तंज कसा कि जब घरेलू फुटबॉल मुश्किल से ज़िंदा है, तब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी का स्वागत करना “वास्तविकता और शो” के बीच की दूरी दिखाता है। AIFF अध्यक्ष चौबे और खेल मंत्री मांडविया दोनों को इस आयोजन के समय को लेकर निशाने पर लिया गया। मांडविया पहले भी ISL रीस्टार्ट के दौरान मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के नाम गलत उच्चारण को लेकर फैंस के निशाने पर आ चुके हैं।
घरेलू फुटबॉल की स्थिति बेहद खराब
करीब नौ महीने की अफरातफरी के बाद ISL की वापसी की तारीख तय हुई है और लीग अब 14 फरवरी से दोबारा शुरू होगी। लेकिन यह वापसी भी संकटों से भरी है—AIFF और FSDL के बीच डील टूटने से लीग बिना नियमित प्रसारण साझेदार और आय के स्रोत के रह गई है।
खिलाड़ी सैलरी में 20 से 25 प्रतिशत तक कटौती की खबरों ने क्लबों की आर्थिक स्थिति उजागर कर दी है। कई खिलाड़ियों को सैलरी कट मानो या सीजन छोड़ो जैसी स्थिति झेलनी पड़ी है। लंबे ब्रेक के कारण मैच फिटनेस गिरी है और भारत की फीफा रैंकिंग 142 पर पहुंच गई है, जो चिंताजनक है।