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Explainer: क्या रोनाल्डो की टीम तोड़ पाएगी फीफा विश्वकप में 96 साल का रिकॉर्ड, मेसी के लिए क्या है अच्छी खबर?

Mon, 15 Jun 2026 12:28 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

फीफा विश्वकप 2026 के बीच सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प संयोग चर्चा का विषय बना हुआ है। 1930 से 2022 तक हर विश्वकप विजेता टीम का कोच उसी देश का रहा है, जिस देश की टीम ने खिताब जीता। इस पैटर्न के आधार पर फैंस अनुमान लगा रहे हैं कि 2026 में अर्जेंटीना, स्पेन, फ्रांस, ब्राजील और इंग्लैंड जैसी टीमें मजबूत दावेदार हो सकती हैं, जबकि पुर्तगाल और कुछ अन्य देशों को लेकर मजाकिया टिप्पणियां की जा रही हैं। 
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फीफा विश्वकप 2026 - फोटो : ANI
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विस्तार
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फीफा विश्वकप 2026 में जहां टीमें मैदान पर अपनी ताकत दिखाने में जुटी हैं, वहीं सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प आंकड़ा वायरल हो रहा है। इस आंकड़े में कुछ ऐसा संयोग है जिससे लियोनल मेसी और अर्जेंटीना के फैंस के साथ-साथ किलियन एमबाप्पे और फ्रांस के फैंस खुश हो सकते हैं। हालांकि, यह आंकड़ा क्रिस्टियानो रोनाल्डो और पुर्तगाल के फैंस के लिए निराश करने वाला हो सकता है। हालांकि, पुर्तगाल विश्वकप जीतकर 96 साल के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है और पहली टीम बनने का मौका हासिल कर सकता है। यह रोनाल्डो का आखिरी विश्वकप हो सकता है और पुर्तगाल की नजर अपने इस दिग्गज फुटबॉलर को एक शानदार विदाई देने पर होगी।
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बॉस्क (बीच में) - फोटो : FIFA.COM
आखिर क्या है यह दिलचस्प संयोग?
 
  • संयोग यह है कि 96 साल के फीफा विश्वकप इतिहास में अब तक जितनी भी टीमों ने ट्रॉफी जीती है, उनके कोच की राष्ट्रीयता भी उसी देश की रही है। यानी विश्वकप जीतने वाली हर टीम का कोच उसी देश का नागरिक था।
  • 1930 में उरुग्वे के पहले विश्व चैंपियन बनने से लेकर 2022 में अर्जेंटीना की जीत तक यह पैटर्न लगातार देखने को मिला। यही वजह है कि फुटबॉल प्रशंसक अब इस संयोग को 2026 विश्वकप से जोड़कर देख रहे हैं।

मेसी और स्कालोनी - फोटो : ANI
क्या 1930 से चला आ रहा यही पैटर्न?
 
  • उदाहरण के लिए 2010 में स्पेन ने खिताब जीता तो उसके कोच विसेंटे डेल बॉस्क स्पैनिश थे। 2014 में जर्मनी विश्व चैंपियन बना और उसके कोच योआखिम लोव जर्मनी से थे।
  • इसी तरह 2018 में फ्रांस के कोच डिडिएर डेशां और 2022 में अर्जेंटीना के कोच लियोनल स्कालोनी भी अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों के ही नागरिक थे।
  • यह सिलसिला 1930 से अब तक नहीं टूटा है, जिसके कारण कई फैंस इसे 'वर्ल्ड कप का कर्स' या 'वर्ल्ड कप जीतने का फॉर्मूला' कहकर चर्चा कर रहे हैं।

विश्वकप विजेता और कोच की राष्ट्रीयता
वर्ष विश्व चैंपियन कोच का नाम कोच की राष्ट्रीयता
1930 उरुग्वे अलबेर्तो सुपिक्की उरुग्वे
1934 इटली विटोरियो पोज्जो इटली
1938 इटली विटोरियो पोज्जो इटली
1950 उरुग्वे जोआन लोपेस फोंटाना उरुग्वे
1954 जर्मनी सेप हरबरगर जर्मनी
1958 ब्राजील विसेंटे फिओला ब्राजील
1962 ब्राजील अयमोरे मोरेरा ब्राजील
1966 इंग्लैंड एल्फ रामसे इंग्लैंड
1970 ब्राजील मारियो जगैलो ब्राजील
1974 जर्मनी हेलमट स्कोन जर्मनी
1978 अर्जेंटीना सीजन लुईस मिनोट्टी अर्जेंटीना
1982 इटली एंजो बीयरजोट इटली
1986 अर्जेंटीना कार्लोस बिलार्दो अर्जेंटीना/इटली
1990 जर्मनी अजैगलियो विचिनी जर्मनी
1994 ब्राजील कार्लोस अल्बेर्तो परेरा ब्राजील
1998 फ्रांस ऐमी जेक्वेट फ्रांस
2002 ब्राजील लुईज फेलिप स्कोलारी ब्राजील/इटली
2006 इटली मार्सेलो लिप्पी इटली
2010 स्पेन विसेंटे डेल बॉस्क स्पेन
2014 जर्मनी योआखिम लोव जर्मनी
2018 फ्रांस डिडिएर डेशां फ्रांस
2022 अर्जेंटीना लियोनल स्कालोनी अर्जेंटीना
2026 ?   ?

अर्जेंटीना टीम - फोटो : ANI
2026 में किन टीमों को मिल रहा फायदा?
सोशल मीडिया पर वायरल चर्चाओं के मुताबिक इस पैटर्न के आधार पर अर्जेंटीना, स्पेन, फ्रांस, ब्राजील और इंग्लैंड को बढ़त मिलती दिख रही है, क्योंकि इन टीमों के मुख्य कोच उनकी अपनी ही राष्ट्रीयता के हैं। वहीं पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज स्पेन से हैं। इसी वजह से कई फैंस मजाक में कह रहे हैं कि अगर यह संयोग जारी रहा तो पुर्तगाल का विश्वकप जीतना मुश्किल हो सकता है। हालांकि फुटबॉल विशेषज्ञ इस तरह के आंकड़ों को सिर्फ रोचक संयोग मानते हैं, क्योंकि मैदान पर जीत हार का फैसला खिलाड़ियों का प्रदर्शन और रणनीति करती है।

रोनाल्डो (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
सोशल मीडिया पर क्यों मची हलचल?
 
  • इस पोस्ट पर फुटबॉल प्रशंसकों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा, 'तो क्या ब्राजील, इंग्लैंड और पुर्तगाल की उम्मीदें खत्म हो गईं?' ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी इटली के रहने वाले हैं। वहीं, इंग्लैंड के कोच थॉमस टुचेल जर्मनी से खेलते थे।
  • वहीं दूसरे यूजर ने पुर्तगाल के समर्थकों को उम्मीद देते हुए लिखा, 'रॉबर्टो मार्टिनेज इस कर्स को तोड़ देंगे।' फुटबॉल फैंस के बीच यह बहस लगातार तेज हो रही है कि क्या 96 साल पुराना यह रिकॉर्ड 2026 में भी कायम रहेगा या पहली बार टूट जाएगा।
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मेसी बनाम रोनाल्डो - फोटो : ANI
क्या कहता है इतिहास?
इतिहास बताता है कि विश्वकप जीतने के लिए सिर्फ कोच की राष्ट्रीयता काफी नहीं होती। कई विदेशी कोच अपनी टीमों को बड़ी सफलताएं दिला चुके हैं, लेकिन विश्वकप ट्रॉफी जीतने का यह रिकॉर्ड अब तक नहीं टूटा है। ऐसे में 2026 विश्वकप के दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई टीम इस लंबे चले आ रहे संयोग को तोड़ पाती है या नहीं।
 

फीफा विश्व कप 2026: मुख्य कोच और उनकी राष्ट्रीयता

टीम मुख्य कोच / मैनेजर कोच की राष्ट्रीयता
कनाडा जेसी मार्श अमेरिका
मेक्सिको जेवियर एगुइरे मेक्सिको
अमेरिका मॉरीशियो पोचेटिनो अर्जेंटीना
अर्जेंटीना लियोनल स्कालोनी अर्जेंटीना
अल्जीरिया व्लादिमीर पेटकोविच स्विट्जरलैंड
ऑस्ट्रेलिया टोनी पोपोविच ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रिया राल्फ रंगनिक जर्मनी
बेल्जियम रूडी गार्सिया फ्रांस
बोस्निया और हर्ज़ेगोविना सेर्गेज बारबारेज बोस्निया और हर्जेगोविना
ब्राजील कार्लो एंसेलोटी इटली
केप वर्डे बुबिसता केप वर्डे
कोलंबिया नेस्टर लोरेंजो अर्जेंटीना
डीआर कांगो सेबेस्टियन देसाब्रे फ्रांस
आइवरी कोस्ट एमर्स फे आइवरी कोस्ट
क्रोएशिया ज्लातको डालिच क्रोएशिया
कुरासाओ डिक एडवोकेट नीदरलैंड
चेकिया मिरोस्लाव कौबेक चेकिया
इक्वाडोर सेबेस्टियन बेकासेसे अर्जेंटीना
मिस्र होसाम हसन मिस्र
इंग्लैंड थॉमस ट्यूशेल जर्मनी
फ्रांस डिडिएर डेशां फ्रांस
जर्मनी जूलियन नगेल्समैन जर्मनी
घाना कार्लोस क्विरोज़ पुर्तगाल
हैती सेबेस्टियन मिग्ने फ्रांस
इरान आमिर घालेनोइ ईरान
इराक ग्राहम अर्नोल्ड ऑस्ट्रेलिया
जापान हाजीमे मोरियासु जापान
जॉर्डन जमाल सेलामी मोरक्को
दक्षिण कोरिया होंग म्युंग-बो दक्षिण कोरिया
मोरक्को मोहम्मद औआहबी मोरक्को
नीदरलैंड रोनाल्ड कोमैन नीदरलैंड
न्यूजीलैंड डैरेन बेजली इंग्लैंड
नॉर्वे स्टेल सोलबैकेन नॉर्वे
पनामा थॉमस क्रिस्टियनसेन स्पेन/डेनमार्क
पैराग्वे गुस्तावो अल्फारो अर्जेंटीना
पुर्तगाल रोबर्टो मार्टिनेज स्पेन
कतर जुलेन लोपेटेगुई स्पेन
सऊदी अरब जॉर्जियोस डोनिस ग्रीस
स्कॉटलैंड स्टीव क्लार्क स्कॉटलैंड
सेनेगल पपे थियाव सेनेगल
दक्षिण अफ्रीका ह्यूगो ब्रूस बेल्जियम
स्पेन लुइस दे ला फुएंते स्पेन
स्वीडन ग्राहम पॉटर इंग्लैंड
स्विट्जरलैंड मूरत याकिन स्विट्जरलैंड
ट्यूनिशिया साबरी लामूची फ्रांस
तुर्की विन्सेंजो मोंटेला इटली
उरुग्वे मार्सेलो बिएल्सा अर्जेंटीना
उज्बेकिस्तान फैबियो कैनावैरो इटली
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