VAR ने पकड़ी घटना
पहले हाफ के इंजरी टाइम में तुर्किये के खिलाड़ी के टैकल पर रेफरी ने फाउल दिया। इसके बाद तुर्किये और पैराग्वे के खिलाड़ी मैदान पर भिड़ गए। इसी बीच अल्मिरोन विपक्षी खिलाड़ी को मुंह ढककर कुछ बोलते दिखे। उन्होंने अपने हाथ से मुंह को ढक रखा था और इसकी अपील विपक्षी खिलाड़ी ने रेफरी से की। मैदान पर मौजूद रेफरी ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने घटना की समीक्षा की। VAR जांच के बाद रेफरी को घटना की जानकारी दी गई और फिर अल्मिरोन को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया गया। रेड कार्ड मिलते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शक और खिलाड़ी दोनों हैरान रह गए।
खिलाड़ियों-स्टाफ के बीच बढ़ा तनाव
रेड कार्ड दिखाए जाने के बाद माहौल अचानक गर्म हो गया। हाफटाइम की सिटी बजी तो खिलाड़ी वापस ड्रेसिंग रूम में जाने लगे। इस बीच पैराग्वे के खिलाड़ियों ने रेफरी के फैसले का विरोध किया, जबकि तुर्किये के खिलाड़ी निर्णय के समर्थन में नजर आए। डगआउट के पास दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तीखी बहस देखने को मिली और धक्का-मुक्की भी हुई। रेफरी और अन्य अधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।
मैच का समीकरण पूरी तरह बदल गया
अल्मिरोन के बाहर होने से पैराग्वे को बड़ा झटका लगा। टीम ने दूसरे मिनट में ही गोल कर बढ़त बना ली थी, लेकिन फिर उसे पूरे दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। दूसरी ओर तुर्किये के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा था। उसे हर हाल में जीत चाहिए थे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका और 10 खिलाड़ियों से खेल रही पैराग्वे की टीम ने दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं होने दिया और तुर्किये की टीम को 1-0 से हरा दिया। इसी के साथ तुर्किये की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी।
पहले हाफ में ही तुर्किये गोल करने के बेहद करीब पहुंचा था, लेकिन उसका शॉट पोस्ट से टकरा गया। इसके बाद मैच का रोमांच और बढ़ गया। दूसरे हाफ में भी तुर्किये ने कई मौके बनाए, लेकिन उसके खिलाड़ी अनलकी रहे। कभी गेंद गोलपोस्ट से टकराई तो कभी बगल से निकल गई। पैराग्वे से हार और विश्वकप से बाहर होने के बाद तुर्किये के खिलाड़ी मैदान पर ही रोने लगे।