फीफा विश्व कप 2026 के पहले ही दौर से बाहर होने के बाद उरुग्वे के खिलाड़ियों को देश के फुटबॉल फेडरेशन ने बिल्कुल भी नहीं बख्शा है। अपने आखिरी ग्रुप एच के मुकाबले में स्पेन के खिलाफ 0-1 से मिली हार के बाद दो बार की चैंपियन उरुग्वे विश्व कप से बाहर हो गई है। टूर्नामेंट में टीम के इस बेहद शर्मनाक और खराब प्रदर्शन से नाराज होकर देश के फुटबॉल फेडरेशन ने खिलाड़ियों की वापसी के लिए पहले से बुक किए गए चार्टर विमान को रद्द कर दिया है।
चार्टर फ्लाइट रद्द की गई और अब खिलाड़ियों को कैसे लौटना होगा?
क्या आप जानते हैं कि उरुग्वे की टीम इस बार ग्रुप स्टेज में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी? काबो वर्डे और सऊदी अरब के खिलाफ उनके अन्य दो मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए थे, जिसके कारण यह दक्षिण अमेरिकी टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर रही और उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, चार्टर विमान रद्द होने के कारण अब सभी खिलाड़ियों को एक साथ टीम के रूप में लौटने के बजाय अलग-अलग विमानों और कमर्शियल फ्लाइट्स से अपने देश वापस लौटना होगा।
टीम के बाहर होने के बाद मार्सेलो बिएल्सा ने क्या कहा?
टूर्नामेंट से इतनी जल्दी बाहर होने के बाद उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएलसा बेहद गुस्से में नजर आए। स्पेन के खिलाफ मैच से ठीक पहले रणनीति और ट्रेनिंग के तरीकों को लेकर खिलाड़ियों ने बिएलसा का सामना भी किया था, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी थी। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी बिएलसा ने अपना आपा खो दिया और तीखे बयान दिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी भड़ास निकालते हुए मार्सेलो बिएलसा ने कहा "मैंने उरुग्वे के फुटबॉल को कुछ भी नहीं दिया है, क्योंकि कोई भी राष्ट्रीय कोच जिस देश में तीन साल तक काम करता है, वहां उसका योगदान तब तक कोई मायने नहीं रखता जब तक कि परिणाम न मिलें।" उन्होंने आगे कहा कि विश्व कप क्वालीफायर में चौथा स्थान किसी काम का नहीं था, कोपा अमेरिका में तीसरा स्थान किसी काम का नहीं था और जाहिर तौर पर मुझे इस प्रदर्शन (विश्व कप के खेल) को बयां करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आप मुझसे पूछेंगे कि मेरे कार्यकाल को कैसे याद रखा जाएगा, तो एक कार्यकाल के रूप में मैंने यहां कुछ भी नहीं छोड़ा है।
क्या यह पहली बार है जब मार्सेलो बिएल्सा विश्व कप के ग्रुप स्टेज से बाहर हुए हैं?
यह बिएलसा के करियर में दूसरा मौका है जब वह किसी टीम के कोच के रूप में विश्व कप के ग्रुप स्टेज को पार करने में पूरी तरह असफल रहे हैं। इससे पहले साल 2002 में दक्षिण कोरिया और जापान में आयोजित विश्व कप के दौरान उनके मार्गदर्शन में अर्जेंटीना की टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी थी। हालांकि, इससे पहले साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुए विश्व कप में उन्होंने चिली को राउंड ऑफ 16 तक पहुंचाया था, जो अब तक विश्व कप में उनका सर्वश्रेष्ठ परिणाम है।