फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-एफ के मुकाबले में नीदरलैंड और जापान के बीच खेला गया रोमांचक मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में डच टीम दो बार बढ़त बनाने में सफल रही, लेकिन जापान ने हर बार वापसी करते हुए एक अंक हासिल कर लिया। मैच का निर्णायक मोड़ 88वें मिनट में आया, जब दाइची कामदा ने गोल कर जापान को बराबरी दिला दी।
पहले हाफ में दोनों टीमों को नहीं मिली सफलता
मुकाबले की शुरुआत से ही नीदरलैंड ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बनाए रखा। डोनियल मालेन को गोल करने के दो अच्छे मौके मिले, लेकिन जापान के गोलकीपर जियोन सुजुकी ने शानदार बचाव करते हुए टीम को बढ़त नहीं लेने दी। दूसरी ओर जापान ने संयमित रक्षात्मक रणनीति अपनाई और जवाबी हमलों के जरिए मौके बनाने की कोशिश की। हालांकि, पहले 45 मिनट में दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं और हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा।
वैन डाइक ने दिलाई बढ़त, नाकामुरा ने दिया जवाब
दूसरे हाफ की शुरुआत के पांच मिनट बाद ही नीदरलैंड को सफलता मिल गई। 50वें मिनट में रयान ग्रावेनबेर्ख की फ्री-किक पर कप्तान वर्जिल वैन डाइक ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, जापान ने ज्यादा देर इंतजार नहीं किया। 57वें मिनट में ताकेफुसा कुबो ने बॉक्स के अंदर बेहतरीन मूव बनाया और गेंद केइतो नाकामुरा को थमाई। नाकामुरा ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को नेट में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया।
समरविल ने फिर दिलाई बढ़त
जापान के बराबरी करने के सात मिनट बाद ही नीदरलैंड ने फिर बढ़त हासिल कर ली। 64वें मिनट में रयान ग्रावेनबेर्ख ने अपना दूसरा असिस्ट दर्ज कराया। उनके पास पर क्रिसेंसियो समरविल ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाया, जो सीधे गोलपोस्ट में जा समाया। इस गोल के साथ नीदरलैंड 2-1 से आगे हो गया।
कामदा ने आखिरी लम्हों में बदला मैच का नतीजा
मैच समाप्ति की ओर बढ़ रहा था और डच टीम जीत के करीब नजर आ रही थी। लेकिन 88वें मिनट में जापान को कॉर्नर मिला। कॉर्नर पर कोकी ओगावा के प्रयास के बाद गेंद दाइची कामदा तक पहुंची और उनका शॉट डिफ्लेक्शन लेकर गोल में चला गया। इस गोल ने जापान को दूसरी बार बराबरी दिला दी। इंजरी टाइम में दोनों टीमों ने जीत का गोल करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी टीम सफलता हासिल नहीं कर सकी और मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
दोनों टीमों को मिला एक-एक अंक
इस ड्रॉ के साथ नीदरलैंड और जापान दोनों ने अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत एक-एक अंक के साथ की। ग्रुप-एफ में आगे की लड़ाई देखते हुए दोनों टीमों के लिए यह अंक महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।