आंकड़े बताते हैं कि अर्जेंटीना क्यों सबसे खतरनाक टीम है
अगर अर्जेंटीना के पूरे अभियान का विश्लेषण करें तो उसकी सबसे बड़ी ताकत सिर्फ मेसी नहीं, बल्कि आखिरी मिनट तक लड़ने का जज्बा रहा है।
- सात में से चार मुकाबलों में टीम ने 70वें मिनट के बाद या अतिरिक्त समय में निर्णायक गोल किए।
- नॉकआउट चरण के चारों मैचों में अर्जेंटीना को संघर्ष करना पड़ा।
- इनमें से तीन मुकाबलों (केप वर्डे, मिस्र और इंग्लैंड) में टीम या तो बराबरी की स्थिति में नहीं थी या हार के बेहद करीब पहुंच चुकी थी, लेकिन फिर भी जीत दर्ज की।
- दो मुकाबले (केप वर्डे और स्विट्जरलैंड) अतिरिक्त समय तक गए और दोनों में अर्जेंटीना विजेता बनी।
- मिस्र और इंग्लैंड के खिलाफ जीत पूरी तरह आखिरी 20 मिनट और इंजरी टाइम में तय हुई।
यानी अर्जेंटीना की सबसे बड़ी पहचान अब सिर्फ आक्रामक फुटबॉल नहीं, बल्कि दबाव में धैर्य बनाए रखना और आखिरी सीटी तक मुकाबला जीवित रखना बन चुकी है।