फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज के दौरान खिलाड़ियों, टीमों और मैच अधिकारियों को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर किए गए अभद्र और आपत्तिजनक पोस्ट में बड़ा इजाफा देखने को मिला है। फीफा ने बुधवार को बताया कि उसकी डिजिटल मॉनिटरिंग टीम ने ग्रुप स्टेज के दौरान 89,000 आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट की पहचान की। यह 2022 कतर विश्व कप की तुलना में 13 गुना अधिक हैं।
60 लाख पोस्ट की जांच
फीफा के सोशल मीडिया प्रोटेक्शन सर्विस (एसएमपीएस) ने इस दौरान 60 लाख से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट और कमेंट्स का विश्लेषण किया। यह संख्या 2022 विश्व कप की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक रही। इनमें से 11 प्रतिशत पोस्ट नस्लीय दुर्व्यवहार से संबंधित थीं। फीफा के अनुसार, ग्रुप स्टेज के दौरान नस्लीय टिप्पणी और भेदभावपूर्ण पोस्ट का अनुपात 2022 विश्व कप की तुलना में तीन प्रतिशत बढ़ा है। संगठन ने इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सबसे गंभीर और आपत्तिजनक सामग्री में बढ़ोतरी बताया है।
खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए एसएमपीएस
फीफा ने कहा कि सोशल मीडिया प्रोटेक्शन सर्विस (एसएमपीएस) सभी भाग लेने वाली टीमों, खिलाड़ियों, कोचों और मैच अधिकारियों को सोशल मीडिया पर होने वाले नस्लीय, भेदभावपूर्ण और धमकी भरे संदेशों से बचाने के लिए उपलब्ध कराई जाती है। यह प्रणाली अत्याधुनिक तकनीक और मानव मॉडरेशन के जरिए आपत्तिजनक सामग्री की पहचान कर उसे फ़िल्टर और ब्लॉक करती है। साथ ही खिलाड़ियों के फॉलोअर्स को भी ऐसे कंटेंट से सुरक्षित रखने का काम करती है।
2.25 लाख पोस्ट की हुई समीक्षा
फीफा के मुताबिक, मॉनिटरिंग के दौरान 2.25 लाख सोशल मीडिया पोस्ट को मानव समीक्षा (ह्यूमन रिव्यू) के लिए भेजा गया। इनमें से 89,000 पोस्ट को आपत्तिजनक पाया गया, जिनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई। इसके अलावा करीब 1,000 सोशल मीडिया अकाउंट्स को आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों के पास भेजा गया।
48 टीमों के कारण बढ़ा कंटेंट
फीफा ने बताया कि इस बार विश्व कप में टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 किए जाने के कारण सोशल मीडिया गतिविधियों और विश्लेषण किए गए कंटेंट की मात्रा भी काफी बढ़ गई। फीफा की स्वचालित मॉडरेशन प्रणाली ने टीमों के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर किए गए करीब 1.81 लाख घृणास्पद कमेंट्स को स्वतः छिपा दिया। वहीं, स्पैम, बॉट और फर्जी खातों से किए गए कमेंट्स सहित 20 लाख से अधिक टिप्पणियों का मॉडरेशन किया गया, जो 2022 विश्व कप की तुलना में चार गुना अधिक है।
कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी
फीफा ने बताया कि एसएमपीएस अब केवल आपत्तिजनक सामग्री हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए साक्ष्य भी एकत्र करता है। अब तक 100 से अधिक ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जो कानूनी कार्रवाई के लिए निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं और जिनके खिलाफ कानूनी केस तैयार किए जा रहे हैं।