मिस्र फुटबॉल महासंघ ने रेफरी पर क्या आरोप लगाए?
मुकाबले के बाद मिस्र खेमे ने कई अहम फैसलों पर नाराजगी जताई। टीम का दावा है कि VAR समीक्षा के बाद उसका एक गोल रद्द कर दिया गया, जबकि अर्जेंटीना के निर्णायक गोल से पहले मिली पेनल्टी की अपील की VAR से समीक्षा तक नहीं की गई। स्पेनिश प्रकाशन डियारियो एएस की रिपोर्ट के अनुसार, मिस्र फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष हानी अबू रिदा ने फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर और उनकी ऑफिशिएटिंग टीम के खिलाफ फीफा में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
क्या रेफरी और उनकी टीम को हटाने की भी मांग की गई है?
रिपोर्ट के अनुसार, मिस्र फुटबॉल महासंघ ने उन फैसलों की जांच की मांग की है जिन्हें वह विवादास्पद मानता है। इसके साथ ही महासंघ ने आधिकारिक तौर पर यह भी अनुरोध किया है कि फ्रांसीसी रेफरी और उनकी पूरी ऑफिशिएटिंग टीम को टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों से हटा दिया जाए।
मिस्र के कोच ने मैच के बाद क्या कहा?
इससे पहले मिस्र के मुख्य कोच हसन ने भी रेफरी के कई फैसलों पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि मैच का नतीजा सिर्फ मैदान पर हुए खेल से तय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हम मौजूदा विश्व चैंपियन से हर मामले में बेहतर खेले, लेकिन नतीजा मैदान के अंदर और बाहर के कारकों से प्रभावित हुआ। शायद वे चाहते थे कि विश्व चैंपियन टूर्नामेंट में बने रहें। शायद वे चाहते थे कि मेसी आगे खेलते रहें।
VAR और 'फेयर प्ले' को लेकर हसन ने क्या आरोप लगाए?
हसन ने कहा कि फुटबॉल में कई बार तकनीकी पहलुओं से परे भी बाहरी प्रभाव देखने को मिलते हैं और विश्व चैंपियन को हर स्तर पर समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि आज हमें न सम्मान मिला और न ही फेयर प्ले। एक पेनल्टी नहीं दी गई, उसकी VAR से समीक्षा भी नहीं हुई। हमारा दूसरा गोल भी किसी कारण से रद्द कर दिया गया। हमारे साथ नाइंसाफी हुई है और यह अन्याय है।