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FIFA WC: फुटबॉल विश्वकप में नया बवाल! ट्रंप के फोन के बाद फीफा ने बदला फैसला? अमेरिकी स्टार पर लगा बैन हटाया

Mon, 06 Jul 2026 09:48 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिएटल

सार

फीफा विश्व कप 2026 में अमेरिका के स्टार स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड सस्पेंशन हटाए जाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो से फोन पर बात कर रेड कार्ड की समीक्षा करने का आग्रह किया था। 
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राष्ट्रपति ट्रंप और फीफा के अध्यक्ष - फोटो : instagram / Gianni Infantino
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विस्तार
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फीफा विश्व कप 2026 में एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने पूरे फुटबॉल जगत में बहस छेड़ दी है। अमेरिका के स्टार स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड सस्पेंशन अचानक हटा दिया गया है। इसके बाद वह बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस फैसले के बाद फीफा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैच के बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैनटिनो से फोन पर बात की और रेड कार्ड की समीक्षा करने का अनुरोध किया। इसके कुछ समय बाद फीफा ने बालोगुन का निलंबन हटाने का फैसला सुना दिया।

बालोगुन - फोटो : AP/FIFA.COM
रेड कार्ड से शुरू हुआ पूरा विवाद
बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में बालोगुन ने विरोधी खिलाड़ी तारिक मुहरेमोविच के टखने पर पैर रख दिया था। मैदान पर रेफरी ने शुरुआत में कोई कार्ड नहीं दिखाया, लेकिन VAR समीक्षा के बाद उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया गया। विश्व कप नियमों के तहत उन्हें अगले मैच के लिए स्वत: एक मैच का प्रतिबंध मिला था।

हालांकि, रविवार को फीफा ने घोषणा कर दी कि बालोगुन का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा। इसके बजाय उन्हें एक साल की परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर रखा गया है। यदि इस अवधि में वह इसी तरह का गंभीर अपराध दोबारा करते हैं, तो यह निलंबन फिर से लागू किया जाएगा।

बालोगुन ने फाउल किया था - फोटो : AP/FIFA.COM
ट्रंप ने कहा- फीफा ने सही फैसला किया
फीफा के फैसले के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'सही काम करने और एक बड़े अन्याय को पलटने के लिए फीफा का धन्यवाद!' हालांकि, फीफा ने आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा कि उसने फैसला ट्रंप के फोन के कारण बदला, लेकिन दोनों घटनाओं के समय ने इस पूरे मामले को और विवादित बना दिया।

बालोगुन - फोटो : AP/FIFA.COM
बेल्जियम ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल
फीफा के फैसले से सबसे ज्यादा नाराज बेल्जियम फुटबॉल महासंघ नजर आया।
 
  • टीम के मुख्य कोच रूडी गार्सिया ने व्यंग्य करते हुए कहा, 'मुझे तो पता ही नहीं था कि फीफा के दफ्तरों में पांच जुलाई को यूरोप का एक अप्रैल (अप्रैल फूल) मनाया जाता है।'
  • रूडी गार्सिया ने कहा- बेल्जियम फुटबॉल महासंघ सिर्फ अपनी टीम की नहीं, बल्कि पूरे फुटबॉल की निष्पक्षता और नैतिकता की रक्षा कर रहा है। मुझे लगता है कि विश्व कप के इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला हुआ है।
  • बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने भी बयान जारी कर कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है ताकि खेल की निष्पक्षता बनी रहे।

अमेरिकी टीम ने किया फैसले का स्वागत
 
  • अमेरिका के स्टार खिलाड़ी क्रिश्चियन पुलिसिच ने कहा, 'अगर उस फाउल को देखें तो उसमें जानबूझकर चोट पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। मुझे लगा कि इस विश्व कप में इससे कहीं ज्यादा गंभीर फाउल हुए, लेकिन उन पर इतनी सख्त कार्रवाई नहीं हुई।'
  • मुख्य कोच मॉरिशियो पोचेटिनो ने भी फीफा के फैसले का समर्थन करते हुए कहा, 'बोस्निया के खिलाफ हमें 30 मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। वह फैसला पूरी तरह अनुचित था। हमें उसकी सजा पहले ही मिल चुकी थी।'
  • ट्रंप के हस्तक्षेप पर पोचेटिनो ने कहा, 'मैं अर्जेंटीना और यूरोप की उस संस्कृति से आता हूं, जहां फुटबॉल धर्म से भी बढ़कर है। खेल लोगों को जोड़ता है, एक देश को एकजुट करता है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।'

बालोगुन - फोटो : AP/FIFA.COM
बालोगुन अमेरिका की सबसे बड़ी उम्मीद
25 वर्षीय बालोगुन इस विश्व कप में अमेरिका के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। उनके नाम चार मैचों में तीन गोल हैं। उन्होंने बोस्निया के खिलाफ भी निर्णायक गोल किया था। वह 2010 विश्व कप में लैंडन डोनोवन के तीन गोलों की बराबरी कर चुके हैं और अब सिर्फ 1930 में चार गोल करने वाले बर्ट पैटनॉड उनसे आगे हैं। क्लब फुटबॉल में फ्रांस के मोनाको के लिए खेलने वाले बालोगुन ने पिछले सीजन लीग-1 में 13 गोल किए थे। अमेरिका के लिए 30 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके नाम 12 गोल हैं।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष - फोटो : एक्स@WhiteHouse
नॉर्वे कोच ने भी फीफा पर साधा निशाना
नॉर्वे के मुख्य कोच स्टेल सोलबाक्केन ने भी फीफा के फैसले की आलोचना करते हुए कहा, 'अब अगले रेड कार्ड का क्या होगा? क्या हर बार कोई समिति बैठकर कार्ड हटा देगी? यह बहुत खराब फैसला है और इससे विश्व कप की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा।' बालोगुन का निलंबन हटने के बाद अब अमेरिका की टीम बेल्जियम के खिलाफ अपनी पूरी ताकत के साथ उतरेगी, लेकिन इस फैसले ने विश्व कप 2026 में निष्पक्षता और नियमों को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।
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