रोनाल्डो की टीम के पास था इतिहास बदलने का मौका
इस रिकॉर्ड को तोड़ने की सबसे बड़ी दावेदार पुर्तगाल थी। पुर्तगाल के मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज स्पेन के हैं। अगर पुर्तगाल पहली बार विश्व कप जीत जाता, तो वह विदेशी कोच के साथ ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन जाता।
हालांकि, पुर्तगाल नॉकआउट चरण में ही बाहर हो गया और इसके साथ ही 96 साल पुराने इस रिकॉर्ड के टूटने की संभावना भी खत्म हो गई।
अब यह रिकॉर्ड 100 साल की ओर
2026 के विश्व कप के बाद यह अनोखा रिकॉर्ड लगातार 96 साल तक कायम हो गया है। फुटबॉल इतिहास में अब तक कोई विदेशी कोच अपनी टीम को विश्व चैंपियन नहीं बना सका है। स्पेन की जीत के साथ यह सिलसिला एक बार फिर जारी रहा और अब दुनिया की नजर 2030 विश्व कप पर होगी कि क्या कोई टीम आखिरकार इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएगी या नहीं।