फीफा विश्व कप 2026 का समापन हो गया है। स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को हराकर 16 साल बाद खिताब अपने नाम किया। स्पेन की खिताबी जीत में सबसे ज्यादा चर्चा 19 साल के लामिन यमाल की हो रही है। यमाल ने मौजूदा विश्व कप में काफी सुर्खियां बटोरी। आइए जानते हैं यमाल के बारे में...
वेनिला की खुशबू के दीवाने लामिन यमाल बचपन में ही फुटबॉल के ऐसे शॉट्स खेलते कि लोग उन्हें जूनियर मेसी कहते थे। आधी रात उठकर कुकीज खाने का अनोखा शौक और परिवार को अपनी प्रेरणा मानने वाले यमाल ने फीफा विश्व कप 2026 में ऐसा खेल दिखाया कि उन्हें फुटबॉल की नई सनसनी कहा जा रहा है।
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जून 2024, जर्मनी में यूरो कप का शोर अपने चरम पर था। एक युवा खिलाड़ी को स्पेन की राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया। जहां टीम के अन्य बड़े और अनुभवी खिलाड़ी मैच के बाद आराम करते या अगले की रणनीति बनाते, वहीं यह खिलाड़ी होटल के कमरे में बैठकर लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लासेज लेता और स्कूल का होमवर्क पूरा करता था। दरअसल, उस वक्त वह एक छात्र भी था। लेकिन, जब वह मैदान में दौड़ता, तो न सिर्फ दर्शक सांसें थाम लेते, बल्कि उसकी फुर्ती और ड्रिबलिंग देखकर बड़े-बड़े फुटबाल दिग्गज भी दांतों तले अंगुलियां दबा लेते थे।
दिलचस्प बात यह रही कि टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के दौरान ही उनका स्कूल रिजल्ट आया, जिसमें वह अच्छे नंबरों से पास भी हुए। आज वही होनहार छात्र और बेहतरीन खिलाड़ी एक बार फिर दुनियाभर के खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। फीफा फुटबॉल विश्वकप के सेमीफाइनल में फ्रांस पर स्पेन की शानदार जीत और टीम को फाइनल में पहुंचाने में उस 19 वर्षीय स्पेनिश स्टार फॉरवर्ड की निर्णायक भूमिका रही। नाम है लामिन यमाल। यमाल स्पेन की राष्ट्रीय टीम के लिए डेब्यू और गोल करने वाले सबसे युवा फुटबॉलर भी हैं। अपने खेल से उन्होंने विरोधियों में भी ऐसी छवि बना ली है कि उन्हें फुटबॉल की नई सनसनी कहा जा रहा है। हालांकि, फाइनल से पहले उनकी फिटनेस को लेकर भी काफी चर्चा रही थी।
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नाम के पीछे की कहानी
लामिन यमाल का नाम किसी फुटबॉल दिग्गज के नाम पर नहीं, बल्कि उन दो अनजान व्यक्तियों (लामिन और यमाल) के सम्मान में रखा गया था, जिन्होंने यमाल के जन्म से ठीक पहले उनके माता-पिता की बेहद कठिन समय में आर्थिक मदद की थी। लामिन अरबी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'भरोसेमंद, जबकि यमाल का अर्थ है 'सुंदरता' या 'शान'।
पेंटर के घर जन्म
लामिन यमाल का पूरा नाम लामिन यमाल नस्राउई एबाना है।
उनका जन्म 13 जुलाई, 2007 को स्पेन के एस्प्लुगेस दे योद्वेगात में हुआ।
उनके पिता मौनिर नसाउई मोरक्को के लाराश शहर से है और पेंटर का काम करते थे, जबकि उनकी मां शीला एबाना इक्वेटोरियल गिनी के बाटा शहर से हैं और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कार्यरत रहीं।
बचपन में माता-पिता अलग हो गए, लेकिन दोनों ने मिलकर उनका पालन-पोषण किया।
यमाल ने चार साल की उम्र में फुटबाल खेलना शुरू किया और सात साल की उम्र में एफसी बार्सिलोना की ला मासिया अकादमी से जुड़ गए। परिवार, खासकर उनकी दादी और भाई-बहन्, उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।
लामिन यमाल और फेर्रान टोरेस
- फोटो : PTI
पिनकोड का नंबर
जब भी लामिन गोल करते हैं, तो वह अपनी अंगुलियों से '304' का इशारा करते हैं। यह उनका कोई लकी नंबर नहीं है, बल्कि उस गरीब इलाके रोकाफोंडा के पोस्टकोड 08304 के आखिरी तीन अंक हैं, जहां वह पले-बढ़े हैं। उनके चाचा ने तो अपने रेस्तरां के नाम में भी '304' जोड़ दिया है।
वेनिला की अनोखी दीवानगी
यमाल को वेनिला की खुशबू से एक अलग ही लगाव है। अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में केवल वेजिला-स्केंटेड साबुन, बॉडी लोशन, परफ्यूम और यहां तक कि अपने कमरों में वेनिला मोमबत्तियों का ही इस्तेमाल करते हैं। वह जल्दी सो जाते हैं, ताकि आधी रात को उठकर कुकीज खा सकें। इसके लिए यह अपने बिस्तर के पास कुकीज का पर्याप्त स्टॉक रखते हैं। उनकी पसंदीदा डिश पीनट स्ट्यू और चिकन चावल के साथ मूंगफली की चटनी है। इसके अलावा, अपने खाली वक्त में वह एमिनेम तथा फिफ्टी सेंट जैसे पुराने रैपर्स को सुनना पसंद करते हैं
लामिन यमाल
- फोटो : FIFA.COM
फुटबॉलर नहीं, तो गेमिंग स्ट्रीमर
लामिन फोर्टनाइट, रोबलॉक्स, ब्राल स्टार्स जैसे गेम्स के दीवाने हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में खुद माना है कि अगर वह फुटबॉल में अपना करियर नहीं बना पाते, तो एक फुल-टाइम गेमिंग स्ट्रीमर बनते। बार्सिलोना के ड्रेसिंग रूम में लामिन यमाल अपनी मजाकिया शख्सियत के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर साथी खिलाड़ियों के साथ हल्के-फुल्के प्रैक करते हैं। बाद में उन्हें क्लब की प्रतिष्ठित नंबर 10 जर्सी मिली, जो उन पर क्लब के भरोसे और बढ़ती जिम्मेदारी का प्रतीक है।
मेसी के साथ वह फोटोशूट
लामिन यमाल को बचपन से ही उनकी बेहतरीन ड्रिबलिंग और शानदार खेल के कारण 'जूनियर मेसी' कहा जाने लगा था। बार्सिलोना ने उनके करार में लगभग 9,000 करोड़ रुपये की बायआउट क्लॉज रखी है, जो क्लब के उन पर भरोसे को दिखाती है। शिशु अवस्था में मेसी के साथ उनकी एक तस्वीर दुनिया भर में वायरल हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि बचपन में यमाल मेसी नहीं, बल्कि नेमार के सबसे बड़े प्रशंसक थे। कम उम्र में ही उनकी प्रतिभा ने उन्हें फुटबॉल की दुनिया में खास पहचान दिला दी।