फीफा विश्व कप के 88 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है। हर मुकाबले को रोचक बनाने और सटीक फैसले लेने के लिए इस विश्व कप में पहली बार वीडियो रेफरल का इस्तेमाल होगा। मॉस्को में बने सेंट्रलाइज्ड वीडियो ऑपरेशन रूम से सीछे हर मैच पर 33 कैमरों और 15 स्क्रीन के जरिए नजर रखी जाएगी।
फीफा की रेफरी कमेटी ने वीडियो रेफरल के लिए 13 लोगों की वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) यानी सहायक रेफरी प्रणाली टीम बनाई है। यह टीम वर्ल्ड कप के 32 टीमों के सभी 64 मुकाबलों में मैच अधिकारियों को सपोर्ट करेगी। वीएआर टीम मॉस्को में एक सेंट्रलाइज्ड वीडियो ऑपरेशन रूम में बैठेगी। यह टीम सभी रिलेवेंट ब्रॉडकास्ट कैमरों को एक्सेस कर सकेगी और ऑफसाइड कैमरों से संबद्ध करेगी।
बता दें कि वीडियो असिस्टेंड रेफरी इस खेल के बाबत कोई फैसला नहीं लेंगे, बल्कि फैसला लेने की प्रक्रिया में रेफरी की मदद करेंगे। अंतिम फैसला लेने का अधिकार सिर्फ रेफरी का हो होगा। ब्रॉडकास्टर्स, कमेंटेटर्स, और इन्फोटैन्मेंट टीम फुटबॉल प्रेमियों को रिव्यू प्रक्रिया के बारे में जानकारी देगी। हर मुकाबलों के लिए 4 वीडियो असिस्टेंट रेफरी होंगे।
विश्व कप में पनामा और आइसलैंड की टीमें अपना डेब्यू करेंगी। बता दें कि आइसलैंड टूर्नामेंट का सबसे कम आबादी वाला देश है। वहां करीब 3.40 लाख की आबादी है।
टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में 14 लड़कियां बतौर बॉल गर्ल दिखेंगी। भारत के ऋषि और नथानिया जॉन बॉल कैरियर होंगे।
इस बार विश्व कप में गुरुग्राम की फुटबॉल भी मैदान में नजर आएगी। फीफा की गाइडलाइन के अनुसार, विशेष तौर पर फुटबॉल को मान्यता मिली है। इस फुटबॉल को वर्ल्डकप के लिए खासतौर पर तैयार किया गया है जिसे अन्य देशों की फुटबॉल के साथ मैदान पर सजाया जाएगा।
नहीं मैच जीती टीमें तो भी होंगी मालामाल
फीफा विश्व कप में हिस्सा ले रहीं 32 टीमों को 2705 करोड़ रुपए की प्राइज मनी देगा।
विश्व कप चैंपियन को मिलेंगे 256 करोड़ रुपए।
विश्व कप में रनर्स-अप या उपविजेता को मिलेंगे 189 करोड़ रुपए।
तीसरे नंबर की टीम को मिलेंगे 162 करोड़ रुपए।