विश्व कप के तीसरे क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड और स्वीडन जब आपस में टकराएंगे तो यग जंग फुटबॉल जगत में वापस प्रतिष्ठा हासिल करने की होगी। दांव पर होगा विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने का सम्मान जो इंग्लैंड ने 28 साल पहले हासिल किया था।
इंग्लैंड के पास 1966 और स्वीडन के पास 1958 का इतिहास दोहराने का भी मौका है। इन्हीं वर्षों में ये दोनों टीमें विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। 'थ्री लायंस' के पास जहां कप्तान और स्ट्राइकर के रूप में कप्तान हेरी केन जैसा खिलाड़ी है तो स्वीडन की ताकत उसका टीम वर्क है।
इंग्लैंड की चुनौती धीमी और बोरिंग स्वीडिश फुटबॉल
इंग्लैंड की सबसे बड़ी चुनौती स्वीडन की धीमी और बोर करने वाली फुटबॉल से निपटना होगा। स्वीडन का ताकत उसका मजबूत रक्षण रहा है। गोलकीपर रोबिन ओलसन ने कोरिया, मैक्सिको और स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्लीन शीट दी है। हालांकि,गैरथ साउथगेट के पास हेरी केन, लिंगार्ड और टिपिएरे के रूप में धुरंधर फॉरवर्ड हैं।
स्वीडन के कप्तान ग्रैंक्वेस्ट ने अब तक रक्षण में शानदार काम किया है। वह किले की तरह स्वीडन रक्षण संभाले हुए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वह शनिवार को नऊ खुशी के साथ उतरेंगे। जब वह इस मैच की तैयारियों में व्यस्त थे तब शुक्रवार को उनकी पत्नी ने बेटी ने जन्म दिया।